शेयर ब्रोकर कंपनी शेयरखान ने 400 लोगों को दिखाया नौकरी से बाहर का रास्ता
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देश की सबसे बड़ी शेयर ब्रोकरेज और निवेशक कंपनी शेयरखान पर भी मंदी का असर दिखने लगा है। कंपनी ने 400 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके अलावा भी कई कर्मचारियों को बाहर किया जाएगा। इस कंपनी का संचालन बीएनपी पारीबस करती है।
कंपनी की आय में हुई कमी
शेयरखान की आय में ऑनलाइन कारोबार होने के चलते लगातार प्रभावित हो रही थी। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार जिन लोगों को कंपनी ने बाहर किया है वो सेल्स और सपोर्ट विभाग से जुड़े हुए हैं। आने वाले हफ्तों में कई अन्य विभागों से भी लोगों को बाहर किया जा सकता है।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि अब हम अपने ग्राहकों को डिजिटल सेवाएं दे रहे हैं। डिजिटल सेवा देने के कारण कई लोगों की नौकरी पर असर पड़ा है। शेयरखान में फिलहाल देश भर में तीन हजार कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी का कहना है कि ज्यादातर कार्यालयों को भी बंद किया जा सकता है, क्योंकि अब सभी सेवाएं लोगों को डिजिटल मिल रही हैं। हालांकि अभी उन लोगों को बाहर किया जा रहा है, जो कि कंपनी के फ्रैंचाइजी ऑफिस में काम कर रहे हैं।
अन्य कंपनियों की हालत भी खस्ता
शेयर ब्रोकिंग से जुड़ी अन्य कंपनियों की हालत भी काफी अच्छी नहीं है। जहां एक तरफ कंपनियों के खर्चे बढ़ते जा रहे हैं, वहीं आय में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। कंपनियां ग्राहकों को बड़ी छूट दे रही हैं, जिससे आय में गिरावट देखने को मिल रही है। जनवरी 2018 से लेकर के अभी तक बीएसई का मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स क्रमशः 19 फीसदी व 30 फीसदी गिर चुका है।
इन कंपनियों के लाभ में भी गिरावट
शेयर ब्रोकरेज में लगी कई अन्य बड़ी कंपनियां जैसे कि मोतीलाल ओसवाल का लाभ 46 फीसदी गिर गया है। वहीं जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शुद्ध लाभ में 61 फीसदी और एमकै ग्लोबल के शुद्ध लाभमें 70 फीसदी कम हो गया है।