Sensex Closing Bell: एचएमपीवी केस सामने आने पर निवेशक सतर्क; सेंसेक्स 1258 अंक गिरा, निफ्टी 23650 से फिसला
Sensex Closing Bell: सोमवार को 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1258.12 (1.59%) अंको की गिरावट के साथ 77,964.99 पर पहुंच गया। दूसरी ओर, 50 शेयरों का सूचकंक निफ्टी 388.70 (1.62%) अंक गिरकर 23,616.05 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार के उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स सूचकांक 2.01 (14.83%) अंक उछलकर 15.55 पर पहुंच गया। आइए जानें बाजार का विस्तृत हाल।
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विस्तार
चीन में एचएमपीवी के कारण अफरातफरी बढ़ने और भारत के कर्नाटक व गुजरात जैसे राज्यों में संक्रमितों की पुष्टि के बाद भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को खरीदारों ने सतर्कता बरती। इससे प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक नीचे फिसल गए और निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। बाजार के उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स सूचकांक 2.01 (14.83%) अंक उछलकर 15.55 पर पहुंच गया। इस दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे गिरकर 85.82 (अनंतिम) के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को साल की सबसे बड़ी गिरावट रही। चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स 1,258 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 78,000 के नीचे बंद हुआ। निफ्टी भी लुढ़ककर 23,700 के स्तर से नीचे बंद हुआ। डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों और कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशकों की पूंजी निकासी से भी बाजार में गिरावट रही।
बढ़त के साथ खुला सेंसेक्स 1,258.12 अंक या 1.59 फीसदी टूटकर 77,964.99 पर बंद हुआ। दिन में यह 1,441.49 अंक तक लुढ़क गया था। निफ्टी 388.70 अंक या 1.62 फीसदी का गोता लगाकर 23,616.05 के स्तर पर बंद हुआ। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों की पूंजी 10.98 लाख करोड़ घटकर 438.79 लाख करोड़ रुपये रह गई। सेंसेक्स की 30 में 28 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए। टाइटन समेत सिर्फ दो शेयरों में 0.60 फीसदी तक तेजी रही।
शेयर बेचेएफआईआई ने 2,575 करोड़ के शेयर बेचे
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुद्ध रूप से 2,575.06 करोड़ के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,749.65 करोड़ की खरीदारी की।
आने वाले तिमाही परिणामों में कंपनियों की आय पर रहेगी निवेशकों की नजर
तिमाही परिणामों में कंपनियों की आय वृद्धि से जुड़ी चिंता और एचएमपीवी संक्रमण और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के बीच सोमवार को बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1.6 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार की धारणा पर रुपये में गिरावट और एशियाई बाजारों के कमजोर रुख का भी असर पड़ा।
30 शेयरों वाले प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, पावर ग्रिड, जोमैटो, अडानी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा गिरावट में रहे। केवल टाइटन और सन फार्मा में ही लाभ दिखा।
बाजार के जानकारों के अनुसार, "भारतीय इक्विटी बाजारों में आज तीव्र गिरावट देखी जा रही है, निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (डीएमए) से नीचे फिसल गए हैं। बिकवाली का कारण विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) की बढ़ती बिक्री और आगामी तीसरी तिमाही की आय सीजन को लेकर चिंता हो सकती है।"
एचएमपीवी संक्रमण के मामले भारत में मिलने से भी बिकवाली को मिला बढ़ावा
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीना ने कहा, "इसके अलावे, नए एचएमपीवी से संबंधित आशंकाओं ने मंदी की भावना को और बढ़ा दिया है, जिससे हाल की काउंटर-ट्रेंड पुलबैक रैली के बाद बिकवाली का नया दौर शुरू हो गया है।"
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने एक दिन की राहत के बाद शुक्रवार को 4,227.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। एशियाई बाजारों में सियोल में तेजी रही जबकि टोक्यो, शंघाई और हांगकांग में गिरावट रही।
यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.25 प्रतिशत गिरकर 76.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 720.60 अंक या 0.90 प्रतिशत गिरकर 79,223.11 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 183.90 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 24,004.75 अंक पर बंद हुआ था।
इन वजहों से भी टूटा बाजार
- डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अमेरिका में नई आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता।
- फेडरल रिजर्व का भविष्य में नीतिगत दर में कटौती को लेकर आक्रामक रुख।
- अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से रुपये में लगातार गिरावट।
- निफ्टी व बैंक निफ्टी का अपने 200 डे मूविंग एवरेज से नीचे आना।
- एशिया के अन्य बाजारों में कमजोरी से कारोबारी धारणा पर असर।