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निवेश-बचत: विवादों से बचने को कम नॉमिनी का करें चयन, कागजी कार्रवाई हुई है आसान

Mon, 03 Mar 2025 04:48 AM IST
शिव शुक्ला धर्मेंद्र मिश्रा
धर्मेंद्र मिश्रा Published by: शिव शुक्ला Updated Mon, 03 Mar 2025 04:48 AM IST
सार

म्यूचुअल फंड और डीमैट खाता के संशोधित नियम एक मार्च से लागू हो गए हैं। इसका उद्देश्य म्यूचुअल फंड फोलियो और डीमैट खाते में नामांकन प्रक्रिया को आसान बनाना है। हालांकि, ज्यादा नॉमिनी रखना विवाद खड़ा कर सकता है। पर, कुछ सही कदम उठाएं तो उत्तराधिकारी बनाने में मदद मिल सकती है।

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Select fewer nominees to avoid disputes in demat and mutual fund account
निवेश - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

डीमैट और म्यूचुअल फंड खातों में नॉमिनी बनाते समय सावधानी जरूरी है। अन्यथा यह उत्तराधिकार योजना बनाने में परेशानी पैदा कर सकता है। अब जब सेबी ने 10 व्यक्तियों को नॉमिनी बनाने की मंजूरी दी है तो इसमें और ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। सैद्धांतिक रूप से यह कदम सराहनीय है, पर व्यावहारिक रूप से समस्या खड़ा कर सकता है, क्योंकि नॉमिनी की संख्या जितनी अधिक होगी, उतने ही ज्यादा दस्तावेज और हस्ताक्षर की जरूरत होगी। ऐसा भी हो सकता है कि नॉमिनी में से किसी व्यकि्त की मृत्यु हो जाती है या वह प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम नहीं रहा है तो यह और ज्यादा विवाद खड़ा कर सकता है।

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 नॉमिनी के लिए कागजी कार्रवाई आसान
एक मार्च से कई संशोधित नियम लागू हो गए हैं। इनमें से एक में नॉमिनी के लिए कागजी कार्रवाई को आसान किया गया है। अब आपके साथ कुछ होता है, तो नॉमिनी को कागजी कार्रवाई से जूझना नहीं पड़ेगा। सिर्फ एक स्व-सत्यापित मृत्यु प्रमाण पत्र और केवाईसी संपत्ति ट्रांसफर के लिए काफी है। साथ ही, निवेशक के सक्षम नहीं होने पर नॉमिनी उसका कार्य कर सकता है।
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संशोधित नियमों को पहले जानें

  • संयुक्त खातों के मामले में एक की मौत हो जाती है तो विनियमित संस्थान उसके मृत्यु प्रमाण पत्र को छोड़कर जीवित संयुक्त धारक से केवाईसी या अंडरटेकिंग जैसा कोई दस्तावेज नहीं मांगेगा।
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  •  निवेशक ने किसी को पावर ऑफ अटॉर्नी दिया है तो वह व्यक्ति नॉमिनी नियुक्त नहीं कर सकता है।
  •  संयुक्त फोलियो के ट्रांसफर में नॉमिनी के पास या तो अन्य नॉमिनी के साथ संयुक्त धारक के रूप में बने रहने या अपने संबंधित हिस्से के लिए अलग सिंगल फोलियो खोलने का विकल्प होगा।
  •  निवेशक शारीरिक रूप से अक्षम है, फिर भी कांट्रैक्ट कर सकता है, तो नॉमिनी में से किसी एक (नाबालिग नॉमिनी को छोड़कर) को निवेशक के फोलियो को जारी रखने का अधिकार है। फोलियो में एसेट्स का आंशिक या पूर्ण हिस्सा तय करें जिसे नियुक्त नॉमिनी भुना सके।

 बाध्यकारी समझौते पर हस्ताक्षर करें
अगर कानूनी उत्तराधिकारी ट्रस्टी के रूप में कार्य करने वाले कई नॉमिनी के अधिकार का विरोध करते हैं तो संघर्ष पैदा हो सकता है। विशेष रूप से मृतक से स्पष्ट निर्देशों के अभाव में या संपत्ति वितरण में किसी भी अनुचितता के मामले में। ऐसे विवादों से बचने के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौतों पर हस्ताक्षर करें। वसीयत बनाकर भी इसे टाल सकते हैं।
 
नॉमिनी को संपत्ति ट्रांसफर के तरीके

  • मृत निवेशक के मृत्यु प्रमाण पत्र की स्व-सत्यापित कॉपी।
  • नॉमिनी के केवाईसी को उचित रूप से पूरा या अपडेट करना।
  • संस्थाएं नॉमिनी से शपथ पत्र, क्षतिपूर्ति, अंडरटेकिंग, सत्यापन या नोटरी सहित कोई भी अन्य दस्तावेज नहीं मांग सकती हैं।
  • ऐसे ट्रांसफर के संबंध में विनियमित संस्थाओं के खिलाफ कोई दावा नहीं किया जाएगा। किसी भी अस्पष्टता से बचने के लिए नॉमिनी को कानूनी उत्तराधिकारी माना जाना चाहिए।
  • संपत्ति का अंतिम मालिकाना हक कई नॉमिनी को देने का इरादा है तो 10 नॉमिनी का फैसला बेहतर हो सकता है। अगर खाताधारक का इरादा यह है कि अंतिम मालिकाना हक किसी अन्य कानूनी उत्तराधिकारी के पास हो तो फिर कई नॉमिनी का कोई महत्व नहीं है, क्योंकि ऐसे नॉमिनी को ट्रस्टी के रूप में संपत्ति रखने और इसे कानूनी उत्तराधिकारी के बीच बांटने की जरूरत होगी।
  • ऐसे मामले में इच्छित उत्तराधिकारियों को नॉमिनी बनाना और किसी भी अस्पष्टता से बचने के लिए उत्तराधिकारियों को वसीयत में शामिल करना समझदारी होगी।

 कई उपाय, फिर भी खड़ी हो सकती है समस्या
ऐसे मामलों में दुरुपयोग कम करने के लिए सेबी ने सख्त सत्यापन प्रोटोकॉल लागू किया है। विनियमित संस्थाओं को मेडिकल प्रमाणपत्र के जरिये अक्षम स्थिति की पुष्टि करनी होगी। नॉमिनी को विशिष्ट पहचान विवरण देना होगा और कोई भी एनकैशमेंट सिर्फ निवेशक के लिंक बैंक खाते में जमा होगा। ये नियम संयुक्त धारकों, नामांकित व्यक्तियों और कानूनी उत्तराधिकारियों के बीच अंतर दिखाते हैं, ताकि खाताधारक म्यूचुअल फंड जैसे निवेश के संबंध में अपनी उत्तराधिकार योजना के नतीजे के बारे में किसी भी भ्रम में न रहे।

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