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SEBI: फ्रंट रनिंग मामले में नौ लोगों-संस्थानों पर प्रतिबंध, 21 करोड़ की अवैध कमाई जब्त

Mon, 23 Dec 2024 05:22 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 23 Dec 2024 05:22 AM IST
सार

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा, कुछ इकाइयों की ओर से बड़े ग्राहकों के पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के लेन-देन में संदिग्ध ‘फ्रंट रनिंग’ की जांच की गई थी। इन लोगों-संस्थाओं ने पीएफयूटीपी (धोखाधड़ी व अनुचित व्यापार व्यवहार निषेध) नियमों और सेबी अधिनियम का उल्लंघन किया था। कार्रवाई के तहत अर्जित अवैध लाभ को जब्त किया गया है।

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SEBI Action Nine people and institutions banned in front running case Rs 21 crore illegal earnings seized
सेबी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के इक्विटी डीलर सचिन बकुल दगली और आठ अन्य लोगों-संस्थानों से जुड़े एक ‘फ्रंट रनिंग’ मामले का भंडाफोड़ किया है। साथ ही, इन पर बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध लगाने के साथ लोगों से अवैध तरीके से कमाए गए 21.16 करोड़ रुपये लौटाने का निर्देश दिया है।

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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा, कुछ इकाइयों की ओर से बड़े ग्राहकों के पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के लेन-देन में संदिग्ध ‘फ्रंट रनिंग’ की जांच की गई थी। इन लोगों-संस्थाओं ने पीएफयूटीपी (धोखाधड़ी व अनुचित व्यापार व्यवहार निषेध) नियमों और सेबी अधिनियम का उल्लंघन किया था। कार्रवाई के तहत अर्जित अवैध लाभ को जब्त किया गया है। फ्रंट रनिंग का मतलब अग्रिम सूचना के आधार पर शेयर बाजार में लेन-देन कर लाभ कमाना है। उस समय तक यह सूचना ग्राहकों के पास नहीं होती। 
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सेबी की जांच में 6,766 मामले सामने आए
सेबी ने कहा, जांच एक जनवरी, 2021 से 19 जुलाई, 2024 तक चली थी। इसमें डीआरपीएल, डब्ल्यूडीपीएल और प्रग्नेश संघवी के खातों के जरिये ऐसे फ्रंट रनिंग के 6,766 मामले सामने आए। इन इकाइयों ने इसके जरिये 21,15,78,005 रुपये का अवैध लाभ कमाया। सेबी ने कहा, इन इकाइयों के खातों में फ्रंट रनिंग गतिविधियों का सिलसिला लंबे अरसे यानी तीन साल से अधिक समय तक चला। कंपनी से जुड़े लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
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गोपनीय ऑर्डर की जानकारी का दुरुपयोग
नियामक ने पाया कि सचिन बकुल दगली (इक्विटी डीलर, पीएनबी मेटलाइफ) और उनके भाई तेजस दगली (इक्विटी सेल्स ट्रेडर, इन्वेस्टेक) ने पीएनबी मेटलाइफ व इन्वेस्टेक के संस्थागत ग्राहकों के आगामी ऑर्डर के बारे में गोपनीय, गैर-सार्वजनिक जानकारी प्राप्त की। इस जानकारी का उपयोग लेन-देन के लिए किया और इसे संदीप शंभरकर के साथ साझा किया।

  • संदीप ने धनमाता रियल्टी प्राइवेट लि. (डीआरपीएल), वर्थी डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लि. (डब्ल्यूडीपीएल) और प्रग्नेश संघवी के खातों के जरिये फ्रंट रनिंग लेन-देन का क्रियान्वयन किया। डीआरपीएल और डब्ल्यूडीपीएल के निदेशकों में शामिल अर्पण कीर्तिकुमार शाह, कविता साहा व जिग्नेश निकुलभाई दभी ने भी इस योजना का फायदा उठाया।

पीएनबी मेटलाइफ ने इस मामले में बताया कि कंपनी ने प्राधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग किया है। पीएनबी मेटलाइफ अपने खिलाफ नामित व्यक्ति की ओर से की गई धोखाधड़ी के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए सेबी को धन्यवाद देना चाहता है। अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं के अनुरूप, हमने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पीएनबी मेटलाइफ कॉर्पोरेट प्रशासन, पारदर्शिता और अखंडता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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