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RBI: अक्तूबर में भी स्थिर रह सकता है रेपो रेट! एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट में दावा

Mon, 25 Sep 2023 02:05 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 25 Sep 2023 02:05 PM IST
सार

रिपोर्ट के अनुसार, रिजर्व बैंक अभी यथास्थिति को बरकरार रखेगा क्योंकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में महंगाई दर 5 प्रतिशत से कम रह सकती है। रिपोर्ट में विकास दर के भी मजबूत रहने की उम्मीद जताई गई है। साथ ही तेल की कीमतों के भी स्थिर होने की उम्मीद की गई है। 

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sbi reserch report expect no change in repo rate in rbi october policy meeting
भारतीय रिजर्व बैंक

विस्तार

भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति की बैठक अक्तूबर के पहले सप्ताह में होगी। एसबीआई की एक रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अक्तूबर में होने वाली बैठक में भी रिजर्व बैंक रेपो रेट को स्थिर रख सकता है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 4-6 अक्तूबर को होनी प्रस्तावित है। रिजर्व बैंक आमतौर पर एक वित्तीय वर्ष में छह द्विमासिक बैठकें करता है। इन बैठकों में ही रिजर्व बैंक ब्याज दर, धन के प्रवाह, महंगाई और विभिन्न आर्थिक संकेतकों पर फैसले करता है। 
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क्या है एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट में
एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू स्तर पर हम उम्मीद कर रहे हैं कि रेपो रेट 6.50 प्रतिशत पर स्थिर रह सकती है और यहां इसके लंबे समय तक स्थिर रहने की उम्मीद है क्योंकि महंगाई पहले के मुकाबले कम हो रही है। यह रिसर्च रिपोर्ट एसबीआई के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने तैयार की है। इस रिपोर्ट में सौम्य कांति घोष ने कहा है कि हमारा मानना है कि रिजर्व बैंक अभी यथास्थिति को बरकरार रखेगा क्योंकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में महंगाई दर 5 प्रतिशत से कम रह सकती है। रिपोर्ट में विकास दर के भी मजबूत रहने की उम्मीद जताई गई है। साथ ही तेल की कीमतों के भी स्थिर होने की उम्मीद की गई है। 
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पिछली बैठकों में भी नहीं हुए थे रेपो रेट में बदलाव
बता दें कि रिजर्व बैंक की अप्रैल, जून और अगस्त में हुई बैठकों में भी रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किए गए और यह 6.5 प्रतिशत पर बनी रही। रेपो रेट, वो ब्याज दर है, जिस पर रिजर्व बैंक अन्य बैंकों को लोन देता है। रेपो रेट बढ़ने का मतलब है कि बैंकों की ब्याज दर बढ़ेगी और फिर बैंक भी अपने ग्राहकों की ब्याज दर बढ़ाएंगे। इस तरह रेपो दर में बदलाव का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। 
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रिपोर्ट में कहा गया है कि बढ़ती महंगाई पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है लेकिन भारत ने इस मामले में अच्छा प्रदर्शन किया है और महंगाई को काबू में रखा है। अब महंगाई दर में कमी आ रही है और आने वाले दिनों में इसके और कम होने की उम्मीद है। ऐसे में रेपो रेट स्थिर रह सकती हैं। इससे पहले मई 2022 में रिजर्व बैंक ने महंगाई को काबू में रखने के लिए रेपो रेट में 250 पॉइंट की बढ़ोतरी की थी। 


 
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