फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   sbi report says Emergency loan guarantee saved 14.6 lakh small industries and livelihood of 6.6 crore people

एसबीआई की रिपोर्ट: आपात कर्ज गारंटी से 14.6 लाख छोटे उद्योग और 6.6 करोड़ लोगों आजीविका बची

Tue, 24 Jan 2023 05:09 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Tue, 24 Jan 2023 05:09 AM IST
सार

एसबीआई की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। 30 सितंबर, 2022 तक इस योजना के तहत कुल 2.82 लाख करोड़ कर्ज दिए गए हैं।

विज्ञापन
sbi report says Emergency loan guarantee saved 14.6 lakh small industries and livelihood of 6.6 crore people
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

कोरोना के बाद सरकार द्वारा शुरू की गई आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के कारण 14.6 लाख एमएसएमई बच गईं। अगर यह योजना नहीं होती तो यह कंपनियां डूब जातीं या बुरे फंसे कर्ज यानी एनपीए में चली जातीं। इससे 1.65 करोड़ परिवार बेरोजगार हो सकते थे। इस पूरी योजना से कुल 6.6 करोड़ लोगों की (अगर हर परिवार में चार सदस्य हैं) आजीविका बच गई।

विज्ञापन


एसबीआई की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। 30 सितंबर, 2022 तक इस योजना के तहत कुल 2.82 लाख करोड़ कर्ज दिए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के 2.2 लाख करोड़ रुपये के खाते इसी दौरान इस योजना के कारण सुधर गए। इसका मतलब यह हुआ कि इस उद्योग का 12% कर्ज एनपीए में जाने से बच गया। 2020 में सरकार ने एमएसएमई के लिए उद्यम पोर्टल शुरू किया जहां पंजीकरण से फायदे मिलते हैं। 
विज्ञापन


इसका फायदा यह हुआ कि जहां देश में जीएसटी में केवल 1.40 करोड़ कंपनियां पंजीकृत हैं, वहीं इस पोर्टल पर 1.33 करोड़ कंपनियां पंजीकृत हैं।  इस बात के स्पष्ट प्रमाण हैं कि एमएसएमई इकाइयां 250 करोड़ के टर्नओवर की सीमा को पार करने वाली कई इकाइयों के साथ बड़ी होती जा रही हैं।  फिलहाल चीन में 14 करोड़ छोटे उद्योग और भारत में 6.4 करोड़ एमएसएमई कंपनियां हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें...
सभी स्लैब में वार्षिक गारंटी शुल्क को चरणबद्ध तरीके से घटाकर कर्ज राशि का 0.50% किया जाए। दो करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले एमएसएमई को सीजीटीएमएसई में जरूर शामिल किया जाए। 

  • विशिष्ट अपराध स्तरों के आधार पर अलग-अलग बैंकों से लिए जा रहे टियर रिस्क प्रीमियम को समाप्त किया जाए।
  • सीजीटीएमएसई के तहत कवरेज के लिए अधिकतम कर्ज राशि को सभी गतिविधियों विनिर्माण, सेवा और व्यापार क्षेत्र के लिए 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये किया जाए।
  • महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला प्रवर्तकों वाली इकाइयों के लिए गारंटी कवरेज को 100% तक बढ़ाया जाएगा।

2021-22 में 20 लाख करोड़ पहुंचा एमएसएमई का कर्ज
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र को लगातार बैंकों की ओर से कर्ज मिल रहा है। 2015-16 में जहां कुल कर्ज 12 लाख करोड़ रुपये था वह 2021-22 में 20 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। हालांकि, कोरोना में इस सेक्टर को जो भी नुकसान हुआ था, उससे अब कंपनियां उबर रही हैं। खासकर टेक्सटाइल्स, ट्रांसपोर्ट, मेटल, खाद्य तेल, केमिकल, कंज्यूमर ड्यूरेबल जैसे क्षेत्र उबर चुके हैं।



-एसबीआई रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और जम्मू कश्मीर में ऐसी सैकड़ों कंपनियां हैं, जो मार्च, 2020 के कोरोना में प्रभावित नहीं हुईं और इनको पूरा कर्ज मिलता रहा। योजना का सबसे ज्यादा फायदा गुजरात की कंपनियों को मिला और फिर महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उसके बाद उत्तर प्रदेश है।

-देश में कुल 6.3 करोड़ सूक्ष्म कंपनियां हैं जबकि 3.3 लाख छोटी और 0.01 लाख मध्यम कंपनियां हैं। इसमें से गांवों में 3.25 करोड़ और शहरों में 3.09 करोड़ उद्योग हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed