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खुदरा महंगाई दर में हुआ मामूली इजाफा, औद्योगिक उत्पादन दर में हुई वृद्धि

Fri, 12 Apr 2019 06:56 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Fri, 12 Apr 2019 06:56 PM IST
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retail inflation increased in march, iip remains flat at 0.1 percent
महंगाई ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

मार्च महीने में खुदरा महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि यह पिछले साल के मुकाबले काफी कम है। वहीं दूसरी औद्योगिक उत्पादन दर में भी 0.1 फीसदी का इजाफा देखने को मिला। 

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इस वजह से हुआ इजाफा

सरकार की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक मार्च में खाने-पीने की वस्तुओं और पेट्रोल-डीजल सहित सीएनजी, रसोई गैस और पीएनजी में वृद्धि देखने को मिली थी। मार्च महीने में खाद्य वस्तु समूह की मुद्रास्फीति बढ़कर 0.3 फीसदी हो गई जो कि फरवरी में 0.66 फीसदी घटी थी। मार्च में ईंधन और प्रकाश खंड में मुद्रास्फीति बढ़कर 2.42 फीसदी हो गई, जो फरवरी में 1.24 फीसदी थी।

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0.1 फीसदी बढ़ा औद्योगिक उत्पादन

विनिर्माण क्षेत्र में सुस्ती से फरवरी महीने में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 0.10 फीसदी रही। शुक्रवार को जारी आंकड़ों में इसकी जानकारी दी गयी।पिछले साल फरवरी में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर 6.90 फीसदी रही थी।

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केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 के पहले 11 महीनों के दौरान आईआईपी की औसत वृद्धि दर चार फीसदी रही। वहीं, वित्त वर्ष 2017-18 के 11 महीने में यह दर 4.30 प्रतिशत रही थी।

नवंबर से लेकर अभी तक यह रहा हाल

दिसंबर के मुकाबले जनवरी माह में खुदरा महंगाई दर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में खुदरा महंगाई दर 2.05 फीसदी रही। दिसंबर माह में खुदरा महंगाई दर 2.19 फीसदी रही, जो कि नवंबर महीने में 2.33 फीसदी थी। वहीं आईआईपी इस दौरान 2.4 फीसदी रही। 

थोक महंगाई दर में भी हुई थी कमी

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर में आठ महीने के निचले स्तर पर जाकर 3.80 फीसदी रही थी। इसकी वजह ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतें कम होना रहा है। नवंबर में थोक मुद्रास्फीति 4.64 फीसदी थी, जबकि दिसंबर 2017 में यह 3.58 फीसदी थी।

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