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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Retail inflation in July rises to 7.44 per cent from 4.87 per cent in June: Govt data

Inflation: खुदरा महंगाई 15 माह के शीर्ष पर, थोक फिर शून्य से नीचे; महंगी सब्जियों ने बढ़ाई मुद्रास्फीति

Mon, 14 Aug 2023 06:24 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 14 Aug 2023 06:24 PM IST
सार

CPI Inflation: जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 7.44 प्रतिशत हो गई, जो जून में 4.87 प्रतिशत थी। सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जुलाई महीने में खुदरा महंगाई की रीडिंग मई 2022 के बाद सबसे ज्यादा है। उस वक्त खुदर महंगाई दर 7.79% दर्ज की गई थी।

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Retail inflation in July rises to 7.44 per cent from 4.87 per cent in June: Govt data
मार्च में खुदरा महंगाई दर में आई गिरावट - फोटो : PTI

विस्तार

जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 7.44 प्रतिशत हो गई, जो जून में 4.87 प्रतिशत थी। सोमवार को सरकार की ओर से इसके आंकड़े जारी किए गए। जुलाई में खुदरा महंगाई दर आरबीआई की ओर से तय महंगाई के बैंड दो से छह प्रतिशत के दायरे से बाहर निकल गई है। सब्जियों खासकर टमाटर समेत खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण जुलाई 2023 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 7 फीसदी के पार पहुंच गई है।

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सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जुलाई महीने में खुदरा महंगाई की रीडिंग मई 2022 के बाद सबसे ज्यादा है। उस वक्त खुदर महंगाई दर 7.79% दर्ज की गई थी। जुलाई 2023 में उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) 11.51% पर पहुंच गया जून में यह 4.49% पर था। ग्रामीण मुद्रास्फीति 7.63 प्रतिशत रही जबकि शहरी मुद्रास्फीति 7.20 प्रतिशत रही।

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चार महीने आरबीआई के दायरे में रहने के बाद अनियंत्रित हुई महंगाई

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति लगातार चार महीनों तक रिजर्व बैंक (आरबीआई) के टॉलरेंस बैंड 2 से 6 प्रतिशत के दायरे में बने रहने के बाद जुलाई में ऊपरी सीमा को पार कर गई। पिछले एक महीने में सब्जियों, विशेष रूप से टमाटर की कीमतों में उम्मीद से अधिक वृद्धि खुदरा महंगाई दर में वृद्धि का कारण बना। सब्जियों की महंगाई दर में लगातार तेजी दिखी और यह सालाना आधार पर 37.34 प्रतिशत पर पहुंच गया। सालाना आधार पर इसमें 0.93 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। खाद्य व पेय पदार्थों की मुद्रास्फीति जून में 4.63 प्रतिशत से बढ़कर 10.57 प्रतिशत हो गई। मोटे अनाजों की मुद्रास्फीति जून के 12.71 प्रतिशत से बढ़कर 13.04 प्रतिशत हो गई।



खाद्य एवं पेय पदार्थ 5.94 फीसदी महंगे
खाद्य एवं पेय पदार्थों की महंगाई दर 4.63 फीसदी से बढ़कर 10.57 फीसदी पर पहुंच गई। ईंधन और बिजली की महंगाई दर 3.67 फीसदी पर रही। वहीं, अनाज और उत्पादों की महंगाई 12.71 प्रतिशत से बढ़कर 13.04 फीसदी रही।

  • ग्रामीण महंगाई : 7.63 फीसदी हुई, जून में 4.72 फीसदी थी।
  • शहरी महंगाई : 7.20 फीसदी हुई, जून में 4.96 फीसदी थी।

-1.36 फीसदी थोक महंगाई लगातार चौथे माह रही नकारात्मक
थोक महंगाई अप्रैल से लगातार चौथे महीने शून्य से नीचे रही है। जुलाई में यह -1.36 फीसदी रही, जो पिछले साल जुलाई में 14.07 फीसदी थी। इस साल जून में यह -4.12 फीसदी थी, जिसकी तुलना में इसमें 2.76 फीसदी की वृद्धि हुई है। वाणिज्य, उद्योग मंत्रालय ने कहा, जुलाई में महंगाई दर में कमी मुख्य रूप से खनिज तेल, बुनियादी धातुओं, रसायन और रसायन उत्पादों, कपड़ा व खाद्य उत्पादों की कीमतों में गिरावट के कारण आई।

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