रिपोर्ट: गेमिंग उद्योग में अप्रैल तक मिलेंगे एक लाख रोजगार, चालू वित्त वर्ष में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी की उम्मीद
टीमलीज डिजिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में देश का गेमिंग उद्योग करीब 50,000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है। इनमें 30 फीसदी प्रोग्रामर और डेवलपर्स शामिल हैं।
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भारत के गेमिंग उद्योग में 20-30 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद है। खास बात है कि चालू वित्त वर्ष यानी 2022-23 खत्म होने तक उद्योग में एक लाख नए रोजगार पैदा हो सकते हैं। इनमें प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार शामिल हैं। वहीं, वर्ष 2026 तक उद्योग में 2.5 लाख नए रोजगार पैदा होंगे।
टीमलीज डिजिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में देश का गेमिंग उद्योग करीब 50,000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है। इनमें 30 फीसदी प्रोग्रामर और डेवलपर्स शामिल हैं।
इन भूमिकाओं में बढ़ सकते हैं मौके
प्रोग्रामिंग (गेम डेवलपर्स, यूनिटी डेवलपर्स), टेस्टिंग (गेम टेस्ट इंजीनियरिंग, गुणवत्ता, क्यूए लीड), एनिमेशन, डिजाइन (मोशन ग्राफिक डिजाइनर, वर्चुअल रियलिटी डिजाइनर्स), कलाकार (वीएफएक्स, कॉन्सेप्ट आर्टिस्ट) व अन्य भूमिकाएं (कंटेंट लेखक, गेमिंग पत्रकार)।
भारत दूसरा बड़ा बाजार
- 2026 तक गेमिंग उद्योग बढ़कर 38,097 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। 48 करोड़ गेमर्स के साथ चीन के बाद भारत दूसरा बड़ा गेमिंग उद्योग है।
- राजस्व के लिहाज से भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा बाजार है। वैश्विक स्तर पर इसका बाजार 17.25 लाख करोड़ रुपये का है।
- 2022-23 तक उद्योग 780 करोड़ का एफडीआई जुटा सकता है।
उद्योग की खास बातें
- भारत का गेमिंग उद्योग 2027 तक 3.3 गुना बढ़कर 8.6 अरब डॉलर पहुंच सकता है। वर्तमान में यह 2.6 अरब डॉलर का है।
- इसकी मौजूदा वृद्धि दर 27% है।
- 2021-22 में देश में 50.7 करोड़ गेमर्स थे। इनमें से 12 करोड़ गेमर्स ऐसे हैं, जो गेम के लिए पैसे का भुगतान करते हैं।
- 2025 तक देश में गेमर्स की संख्या 70 करोड़ पहुंच जाएगी।
(वेंचर कैपिटल फंड लुमिकाई की रिपोर्ट)