GST: सीमेंट और स्टील पर जीएसटी दर में कटौती से रियल एस्टेट को मिलेगा बढ़ावा, जानें उद्योग विशेषज्ञों की राय
जीएसटी परिषद ने सीमेंट और स्टील पर GST 28% से घटाकर 18% करने का फैसला किया है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस कटौती से न केवल निर्माण लागत में कमी आएगी, बल्कि घर खरीदारों की धारणा भी मजबूत होगी। वे खरीद संबंधी निर्णय लेने में तेजी लाएंगे, जिससे रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीमेंट और स्टील पर जीएसटी दर में कटौती से रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उद्योग विशेषज्ञों ने सरकार से इस फैसले को एक गेम-चेंजिंग करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस कटौती से इनपुट लागत कम होगी, परियोजना की व्यवहार्यता में सुधार होगा व आवास और बुनियादी ढांचा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
ये भी पढ़ें: GST Reforms: 400 से अधिक चीजों पर टैक्स कम होने से आम आदमी को रोजमर्रा के खर्चे में मिलेगी राहत; कैट का दावा
परियोजना लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी
सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के अध्यक्ष एवं सीईओ अंशुमान मैगजीन ने इस कदम के लागत प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सीमेंट, स्टील और अन्य इनपुट आमतौर पर कुल निर्माण लागत का लगभग 40-45 प्रतिशत हिस्सा होते हैं। इसलिए इस कटौती से परियोजना लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
डेवलपर्स अब इस बचत का कुछ हिस्सा घर खरीदारों को दे सकते हैं, जिससे घर की सामर्थ्य बढ़ेगी और सभी क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी। यह सुधार त्यौहारी सीजन को बढ़ावा देने के लिए सही समय पर आया है। मैगजीन ने कहा कि यह कदम सरकार के आवास विकास और बुनियादी ढांचे पर आधारित आर्थिक विकास के व्यापक दृष्टिकोण को भी गति देगा।
उपभोक्ताओं के लिए त्योहारी उपहार
हीरानंदानी समूह और नारेडको नेशनल के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने इस फैसले को भारतीय उपभोक्ताओं के लिए "त्योहारी उपहार" और अर्थव्यवस्था के लिए रणनीतिक बढ़ावा बताया। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के लिए, सीमेंट और स्टील जैसी महत्वपूर्ण निर्माण सामग्री पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करना एक ऐतिहासिक सुधार है।
सभी के लिए आवास के सपने को मिलेगा बल
हीरानंदानी ने आगे कहा कि किफायती आवास को सबसे अधिक लाभ होगा, क्योंकि निर्माण लागत में कमी का लाभ घर खरीदने वालों को दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इससे घर ज्यादा सुलभ होंगे। साथ ही सरकार के 'सभी के लिए आवास' के सपने को भी बल मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह युक्तिकरण न केवल डेवलपर्स के लिए एक बढ़ावा है, बल्कि उपभोक्ताओं, आवास क्षेत्र और भारत की दीर्घकालिक विकास गाथा, सभी के लिए फायदेमंद है।
रियल एस्टेट से जुड़े उद्योग को विशेष राहत
इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए नारेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी हरि बाबू ने कहा कि जीएसटी को युक्तिसंगत बनाना एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है और उद्योग जगत ने इसका तहे दिल से स्वागत किया है।उन्होंने कहा कि इस कदम से रियल एस्टेट और उससे जुड़े उद्योगों को विशेष राहत मिलेगी।
भारत की अर्थव्यवस्था को मिलेगी दीर्घकालिक गति
हरि बाबू ने इस बात पर भी जोर दिया कि किफायती आवास से सबसे अधिक लाभ होगा, क्योंकि लागत में बचत का लाभ घर खरीदने वालों को दिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह उपभोक्ताओं, रियल एस्टेट क्षेत्र और देश की विकास गाथा, सभी के लिए फायदेमंद है। हम इसे एक प्रगतिशील कदम के रूप में देखते हैं जो भारत की अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक गति पैदा करेगा।