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Real Estate Fraud : नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अपने घर का सपना संजोने वालों के 1.18 लाख करोड़ डूबे
Sun, 26 Jun 2022 03:42 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Sun, 26 Jun 2022 03:42 PM IST
सार
एनारॉक ने अपनी रिसर्च में सिर्फ उन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को शामिल किया था जो 2014 और उससे पहले शुरू किए गए थे। ये प्रोजेक्ट्स दिल्ली, एनसीआर, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन एमएमआर, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में शुरू किए गए थे।
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विस्तार
एनसीआर में रहने का सपना संजोकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा इलाके में फ्लैट बुक करवाने वालों के 1.18 लाख करोड़ रुपए अलग-अलग बिल्डरों के पास फंसे पड़े हैं। इस राशि से तकरीबन 1.65 लाख घर बुक किए गए थे। अब बिल्डरों ने इस पैसों को लगभग लटका दिया है। फ्लैट देने के नाम पर वे लगातार टाल-मटोल कर रहे हैं। यह कहना है प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एनारॉक का।
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एनारॉक ने अपनी रिसर्च में सिर्फ उन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को शामिल किया था जो 2014 और उससे पहले शुरू किए गए थे। ये प्रोजेक्ट्स दिल्ली, एनसीआर, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन एमएमआर, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में शुरू किए गए थे।
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घर का सपना संजोने वालों के साथ हो रही इस नाइंसाफी पर फोरम ऑफ पीपुल्स कलेक्टिव इफोर्ट्स एफपीसीई जो होम बायर्स की अपेक्स बॉडी है के अध्यक्ष ने पीटीआई से बातचीत में बताया है कि यह एक गंभीर मसला है। इन प्रोजेक्ट्स में हो रही देरी की त्वरित जांच होनी चाहिए और इस समस्या समाधान तलाश जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। उन्होंने डिफॉल्ट करने वाले बिल्डरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।
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प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एनारॉक की रिसर्च में जो आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार ऊपर वर्णित सात शहरों में 4,79,940 घर के लिए बिल्डरों को भुगतान किए गए लगभग 4,48,129 करोड़ रुपए बुरी तरह से फंसे हुए हैं। ये आंकड़े 31 मई 2020 तक के हैं।
इन आंकड़ों के 50 प्रतिशत मामले सिर्फ दिल्ली और एनसीआर के हैं। दिल्ली एनसीआर इलाके में 2,40,610 घरों के 1,81,410 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। एनॉरॉक के आंकड़ों में इसका 70 फीसदी हिस्सा नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का है। सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही 1,65,348 घरों के 1,18,578 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं।
वहीं, गुरुग्राम में इस तरह के सिर्फ 13 प्रतिशत मामले हैं और यह शहर इस मामले में सबसे बेहतर स्थिति में है। गुरुग्राम में 30,733 घरों के 44,455 करोड़ रुपए लटके हुए हैं। वहीं दिल्ली, फरीदाबाद, धारूहेड़ा और भिवाड़ी इलाके में संयुक्त रूप से 22,401 घरों के 9,124 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं।