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West Asia Crisis: क्या ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच RBI ने बेचा 12 अरब डॉलर का सोना? केंद्रीय बैंक का यह जवाब

Wed, 03 Jun 2026 04:48 AM IST
Pavan बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Wed, 03 Jun 2026 04:48 AM IST
सार

अमेरिका-ईरान संघर्ष से बढ़े आर्थिक दबाव के बीच आरबीआई ने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा है। ये दावा एक रिपोर्ट में किया गया है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट में रुपये को सहारा देने के प्रयासों का भी जिक्र है।

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RBI ने कितना सोना बेचा? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखने और रुपये पर दबाव कम करने के लिए अपने सोने के भंडार का कुछ हिस्सा बेचा है। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 22 मई को समाप्त हुए दो सप्ताह के दौरान आरबीआई ने लगभग 12 अरब डॉलर (लगभग 1.14 लाख करोड़ रुपये) मूल्य का सोना बेचा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान केंद्रीय बैंक ने करीब 7.5 अरब डॉलर (713.23 अरब रुपये) की विदेशी मुद्रा संपत्तियां भी जोड़ीं। रिजर्व बैंक ने इन दावों पर क्या कहा है, आइए जानते हैं।

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आरबीआई ने स्वर्ण भंडार बेचने की अफवाहों का किया खंडन

हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इन खबरों को पूरी तरह से भ्रामक और गलत बताया है। आरबीआई की ओर से चीफ जनरल मैनेजर ब्रिज राज ने बयान जारी कर साफ किया है कि केंद्रीय बैंक का भौतिक स्वर्ण भंडार बिना किसी बदलाव के 880.52 टन पर सुरक्षित और बरकरार है। इस डेटा की पुष्टि बैंक के नवीनतम मासिक बुलेटिन में भी की गई है, जिसे आरबीआई की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। इसके साथ ही, बैंक ने आम जनता और बाजार के भागीदारों को सख्त सलाह दी है कि वे ऐसी अपुष्ट और अफवाहों वाली खबरों पर ध्यान न दें और इस तरह के मामलों में केवल रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

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पश्चिए एशिया में संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में आई तेजी

बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक देश है। ऐसे में पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी आने से भारत पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। तेल आयात पर अधिक खर्च होने से विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये दोनों पर असर पड़ सकता है। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के वरिष्ठ भारत अर्थशास्त्री अभिषेक गुप्ता ने बताया, उपलब्ध आंकड़ों से संकेत मिलता है कि आरबीआई के स्वर्ण भंडार का मूल्य घटा है, जबकि सोने पर आयात शुल्क बढ़ने के कारण इसकी कीमत बढ़नी चाहिए थी। इसी आधार पर अनुमान लगाया गया है कि केंद्रीय बैंक ने सोने की बिक्री की हो सकती है।

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आरबीआई ने क्यों उठाया यह कदम?
आरबीआई ने हालांकि दावों का खंड कर दिया है। केंद्रीय बैंक की ओर से इस तरह का कोई फैसला लिया जाता है तो यह ईरान संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी संबंधी व्यवधानों के कारण तेल आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर दबाव के बीच बहुत ही महत्वपूर्ण होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई भविष्य में भी अवसर मिलने पर विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। यदि डॉलर कमजोर होता है, विदेशी निवेश बढ़ता है या कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है, तो केंद्रीय बैंक और अधिक विदेशी मुद्रा संपत्तियां जोड़ सकता है।

यह भी पढ़ें- Gold Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार वापसी; सोना 1.61 लाख रुपये के पार, जानें बाजार का हाल

रूस की विदेशी संपत्तियां फ्रीज होने के बाद से बढ़ी सतर्कता
मार्च 2025 के अंत तक आरबीआई के पास 880.52 मीट्रिक टन सोना था। इसमें से लगभग 77 प्रतिशत सोना भारत में ही रखा गया था, जबकि छह महीने पहले यह आंकड़ा 66 प्रतिशत था। आरबीआई ने अप्रैल में जारी अपनी विदेशी मुद्रा रिपोर्ट में बताया था कि विदेश में रखे गए उसके अधिकांश स्वर्ण भंडार बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास सुरक्षित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में आरबीआई ने अपने स्वर्ण भंडार का बड़ा हिस्सा भारत वापस मंगाया है। इसके पीछे एक कारण यह भी माना जाता है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों द्वारा रूस की विदेशी संपत्तियां फ्रीज किए जाने से कई देशों के केंद्रीय बैंक विदेशों में रखे भंडार को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं।

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