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आरबीआई: गवर्नर शक्तिकांत दास बोले- लचीली अर्थव्यवस्था के लिए निष्पक्ष ऑडिट जरूरी
Mon, 25 Oct 2021 02:29 PM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Mon, 25 Oct 2021 02:29 PM IST
सार
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि इस साल जनवरी में वाणिज्यिक बैंकों के लिए जोखिम आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा प्रणाली को मजबूत किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आरबीआई ने लचीले वित्तीय क्षेत्र के निर्माण के लिए बैंकों, एनबीएफसी में मजबूत प्रशासनिक ढांचे पर जोर दिया।
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आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास
- फोटो : RBI TWITTER
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विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि एक लचीली अर्थव्यवस्था के लिए निष्पक्ष और मजबूत ऑडिट व्यवस्था जरूरी है, क्योंकि इससे नागरिकों में भरोसा पैदा होता है। दास ने नेशनल एकेडमी ऑफ ऑडिट एंड अकाउंट्स में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑडिट देश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सार्वजनिक व्यय के फैसले इन्हीं रिपोर्ट पर आधारित होते हैं।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर पहले से अधिक आर्थिक फैसले किए जा रहे हैं, इसलिए गलत जानकारी के चलते अपेक्षा से कमतर निर्णय हो सकता है।शक्तिकांत दास ने कहा कि ऑडिट की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है और इसलिए रिजर्व बैंक ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के ऑडिट में सुधार के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की सलाह से कई कदम उठाए हैं।
दास ने कहा, ‘‘आरबीआई मानक में सुधार के लिए लगातार ऑडिटिंग के हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है।’’आरबीआई गवर्नर ने बताया कि इस साल जनवरी में वाणिज्यिक बैंकों के लिए जोखिम आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा प्रणाली को मजबूत किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आरबीआई ने लचीले वित्तीय क्षेत्र के निर्माण के लिए बैंकों, एनबीएफसी में मजबूत प्रशासनिक ढांचे पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर पहले से अधिक आर्थिक फैसले किए जा रहे हैं, इसलिए गलत जानकारी के चलते अपेक्षा से कमतर निर्णय हो सकता है।शक्तिकांत दास ने कहा कि ऑडिट की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है और इसलिए रिजर्व बैंक ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के ऑडिट में सुधार के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की सलाह से कई कदम उठाए हैं।
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दास ने कहा, ‘‘आरबीआई मानक में सुधार के लिए लगातार ऑडिटिंग के हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है।’’आरबीआई गवर्नर ने बताया कि इस साल जनवरी में वाणिज्यिक बैंकों के लिए जोखिम आधारित आंतरिक लेखा परीक्षा प्रणाली को मजबूत किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आरबीआई ने लचीले वित्तीय क्षेत्र के निर्माण के लिए बैंकों, एनबीएफसी में मजबूत प्रशासनिक ढांचे पर जोर दिया।
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