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20 पैसे प्रति किलो पहुंचा आलू का दाम, लागत न निकलने से सड़क पर फेंक रहे किसान

Sun, 17 Dec 2017 03:49 PM IST
amarujala.com- Written by: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Written by: अनंत पालीवाल Updated Sun, 17 Dec 2017 03:49 PM IST
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potato price reaches all time low to 20 paise per kg in uttar pradesh districts
अालू - फोटो : अमर उजाला

बंपर पैदावार होने से यूपी के आलू उत्पादक किसानों का दम फूल गया है। इस वजह से आलू का थोक भाव 20 पैसे प्रति किलो पर आ गया है, जिसकी वजह से किसान और कोल्ड स्टोरेज मालिक पुराने आलू को सड़क पर फेंकने पर मजबूर हो गए हैं। प्याज और टमाटर की बढ़ती कीमतों के बीच आलू किसानों की मदद के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने भी किसी तरह की घोषणा नहीं की है। 

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प्याज के दामों में 220 फीसदी की बढ़ोतरी
जहां प्याज के दाम फिलहाल 220 फीसदी बढ़ोतरी लिए हुए हैं, वहीं सब्जियों का राजा कहे जाने वाले आलू की हालत उतनी ही खराब है। यूपी की आलू बेल्ट के नाम से मश्हूर आगरा, कानपुर मंडल में पुराने आलू फ्री में लेने को भी कोई तैयार नहीं है। वहीं नई फसल का आलू 5-6 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक रहा है। 
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इन जिलों में सबसे ज्यादा हालत खराब
यूपी के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, एटा, औरेया, कानुपर देहात, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, कन्नौज आदि जिले आलू बेल्ट के नाम से मश्हूर हैं। इन जिलों में जो आलू होता है उसको सबसे बेस्ट क्वालिटी का माना जाता है। देश भर के कई राज्यों में यहीं से आलू की सप्लाई होती है। 

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2.5 लाख टन आलू सड़कों पर फेंका

potato price reaches all time low to 20 paise per kg in uttar pradesh districts
potato - फोटो : अमर उजाला
अकेले आगरा मंडल में कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने 2.5 लाख टन आलू सड़क पर फेंक दिया है। इस वक्त पुराने आलू का 50 किलो की बोरी 10 रुपये में मिल रही है। इसके अलावा किसानों को बाजार में आलू ले जाने पर भी खर्च करना पड़ता है।

वहीं कोल्ड स्टोरेज मालिक भी 110 रुपये प्रति बोरी चार्ज करते हैं। लागत ज्यादा होने और लाभ नहीं मिलने के कारण किसान कोल्ड स्टोरेज से पुराने आलू के स्टॉक को नहीं निकाल रहे हैं। कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने भी खर्च कम करने के लिए अपने प्लांट को बंद कर दिया है, जिससे आलू सड़ने लगा है। इस सड़ रहे आलू को ही सड़क पर फेंका जा रहा है। 

जुलाई में थी 400 रुपये की बोरी
जुलाई में आलू की प्रति बोरी 400 रुपये थी। इसके बाद से लगातार आलू की कीमत गिर रही है। अब सर्दियों में नई फसल की बंपर पैदावार होने के बाद आलू 5-6 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जिस पर भी किसान अपनी लागत को निकाल नहीं पा रहे हैं। 

सड़े आलू से लोग हो रहे हैं बीमार
सड़कों पर सड़ा हुआ आलू फेंकने से उसकी दुर्गंध से लोग बीमार भी हो रहे हैं। इस आलू को गरीब लोग अपने खाने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।  
 
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