PM Modi: 'बजट में हमने न्यूक्लियर सेक्टर खोल दिया है', संसद में एआई व रक्षा क्षेत्र पर ये बोले पीएम मोदी
PM Modi Speech: पीएम मोदी ने कहा है कि 2013-14 में महज 2 लाख रुपये आयकर के दायरे से बाहर था और आज 12 लाख रुपये संपूर्ण रूप से आयकर से मुक्त कर दिया गया है। स्टैंडर्ड डिडक्शन के अगर 75 हजार जोड़ दें तो पहली अप्रैल के बाद देश में सैलरीड क्लास है उनके पौने 13 लाख रुपये तक कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। पीएम मोदी ने लोकसभा में और क्या-क्या कहा है आइए, जानें।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर बोले। इस दौरान पीएम ने कहा, "बजट में हमने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में विकास के लिए न्यूक्लियर सेक्टर को खोल दिया है।" पीएम ने कहा कि हम विकासित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए परमाणु ऊर्जा की क्षमता विकासित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पीएम ने कहा कि 2014 के पहले ऐसे बम गोले फेंके गए, बंदूक की ऐसी गोलियां चलाई गई कि देशवासियों का जीवन छलनी कर दिया गया। हम धीरे-धीरे उन घावों को भरते-भरते आगे बढ़े।
पीएम मोदी ने कहा है कि 2013-14 में महज 2 लाख रुपये आयकर के दायरे से बाहर था और आज 12 लाख रुपये संपूर्ण रूप से आयकर से मुक्त कर दिया गया है। हम यह काम बीते काल खंड में 14 में 17 में 19 में 23 में भी लगातार करते आए। घाव भरते गए और आज बैंडेज बाकी था वो भी कर लिया। स्टैंडर्ड डिडक्शन के अगर 75 हजार जोड़ दें तो पहली अप्रैल के बाद देश में सैलरीड क्लास है उनके पौने 13 लाख रुपये तक कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा।
पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि एक प्रधानमंत्री रट गए थे इक्कीसवीं सदी, इक्कीसवीं सदी। आरके लक्ष्मण ने एक कार्टून बनाया था, एक हवाई जहाज था, एक पायलट था और 21वीं सदी लिखा था। ये हवाई जहाज एक ठेले पर रखा हुआ था और मजदूर उसे धक्का लगा रहे थे। ये कार्टून बताता है कि तब के प्रधानमंत्री कितने कटे हुए थे। तब 21वीं सदी की बातें की थी जो 20वीं सदी की जरूरतें भी पूरा नहीं कर पाए थे। आज जब देखता हूं तो बड़ा दर्द होता है। हम 40-50 साल लेट हैं। जो काम पहले ही हो जाने चाहिए थे, वो नहीं हो पाए। हमने ज्यादा से ज्यादा युवाओं पर् फोकस किया। हमने युवाओं की आकांक्षाओं पर बल दिया, युवाओं के लिए ज्यादा अवसर बनाए, कई क्षेत्रों को खोल दिया।
एआई और डीप टेक पर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?
पीएम ने कहा, "हमने डिफेंस सेक्टर, स्पेस को खोल दिया। सेमीकंडक्टर मिशन लेकर आए। स्टार्टअप इंडिया का पूरा ईकोसिस्टम डेवलप किया। पीएम ने कहा कि 12 लाख की इनकम टैक्स माफी इतनी बड़ी खबर बन गई कि न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर को खोलने के निर्णय पर किसी का ध्यान नहीं गया है। पीएम ने कहा एआई, 3डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, हम तो गेमिंग क्रिएशन के लिए भी हमने प्रयास किए। पीएम ने कहा दुनिया का गेमिंग कैपिटल भारत क्यों न बने, उस दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। हमारे लिए सिंगल एआई नहीं है, डबल एआई है। एक एआई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दूसरा एआई एस्पिरेशनल इंडिया है। 50 हजार नए टिंकरिंग लैब्स का प्रावधान बजट में किया गया है। विश्व के एआई प्लेटफॉर्म में भारत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर चुका है। हमने डीप टेक के क्षेत्र में निवेश की बात की है। 21वीं सदी पूरी तरह टेक्नोलॉजी ड्रिवेन सेंचुरी है।
परमाणु ऊर्जा पर बजट में क्या कहा गया है?
केंद्रीय बजट 2025-26 में भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा संक्रमण रणनीति के हिस्से के रूप में परमाणु ऊर्जा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात कही गई है। सरकार ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता का हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार के अनुसार बजट में हुई घोषणाओं के अमल में आने परमाणु ऊर्जा भारत के ऊर्जा मिश्रण का एक प्रमुख स्तंभ बन जाएगा।
सरकार की ओर से कहा गया है कि परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे बदलाव ऊर्जा विश्वसनीयता सुनिश्चित करेंगे। जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में विकसित भारत के व्यापक उद्देश्यों को पूरा करेंगे। बजट के बाद सरकार की ओर से दी गई जानकारी के लिए विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वदेशी परमाणु प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक-निजी सहयोग पर जोर देते हुए बुनियादी ढांचे में निवेश किया जा रहा है ।
केंद्रीय बजट 2025-26 में परमाणु ऊर्जा मिशन शुरू करने का एलान किया गया है। सरकार ने कहा है कि यह फैसला छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (एसएमआर) के अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) से जुड़ा। सरकार ने इस पहल के लिए 20,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं , जिसका लक्ष्य 2033 तक कम से कम पांच स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए और परिचालन योग्य एसएमआर विकसित करना है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि भारत बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने और पर्यावरणीय लक्ष्यों को हासिल करने करने के लिए अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को सक्रिय रूप से बढ़ा रहा है। सरकार ने 2031-32 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को मौजूदा 8,180 मेगावाट से बढ़ाकर 22,480 मेगावाट करने के लिए कदम उठाए हैं। इस विस्तार में गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कुल 8,000 मेगावाट के दस रिएक्टरों का निर्माण और कमीशनिंग शामिल है।