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Budget 2023: पीएम मोदी की मंत्री-परिषद के साथ बैठक, बजट से पहले हुई अहम चर्चा; जानें पीएम ने क्या कहा
Sun, 29 Jan 2023 09:13 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 29 Jan 2023 09:13 PM IST
सार
पीएम और मंत्रियों की बैठक सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई। इसके शाम तक जारी रहने की संभावना है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने आठ नई कैबिनेट समितियों का गठन किय
- फोटो : PTI
विस्तार
संसद के बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मंत्री परिषद के साथ अहम बैठक में हिस्सा लिया। बताया गया है कि बैठक में एक फरवरी को पेश होने वाले बजट की तैयारियों पर चर्चा हुई। गौरतलब है कि यह बजट 2024 के चुनाव से पहले मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट होगा।
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पीएम और मंत्रियों की बैठक सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में मंत्रालयों की ओर से लिए जाने वाले नीतिगत फैसलों की भी समीक्षा की गई। मंत्रियों की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब केंद्रीय कैबिनेट में बदलाव की चर्चाएं गरम हैं। इसके अलावा नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव भी इसी साल होने हैं।
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इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों से कहा कि वे मध्यम वर्ग तक उन योजनाओं के विवरण के साथ पहुंचें, जिनसे उन्हें लाभ हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जहां सरकारी योजनाओं ने गरीबों और वंचितों को लाभान्वित किया है, वहीं मध्यम वर्ग के लिए भी कई पहलें की गई हैं, जिन्होंने उनका जीवन आसान बना दिया है। 2023 में होने वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की यह पहली बैठक थी। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि भारत ने अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे किए हैं, ऐसे में वे चीजें और कानून जो ब्रिटिश राज की याद दिलाते हैं, उन्हें हटा दिया जाना चाहिए।
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महज राजनीति नहीं, देश के बारे में चिंतन हो लक्ष्य : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में कहा कि महज राजनीति नहीं, देश के लिए चिंतन ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। देश को टीम के रूप में सोचना और आगे बढ़ने की दिशा तय करनी होगी। उन्होंने कहा, पहले कोई विकसित देश की बात नहीं करता था। हमारा नारा हर हाल में वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाना है। इसके लिए योजनाओं को हर हाल में तय समय पर पूरा करना होगा।
पीएम मोदी गरीब कल्याण के लिए कार्यो की चर्चा करते हुए रविवार को भावुक भी हो गए। उन्होंने कहा, नौ साल पहले जब मैंने अपनी सरकार को गरीबों को समर्पित सरकार बताया था, तो एक वर्ग को लगा जैसे देश का खजाना लुट गया। तब सवाल उठाया गया था कि सरकार ने मध्य वर्ग को भुला दिया है। अब न सिर्फ गरीबों का भला हुआ है, बल्कि मध्य वर्ग भी पहले से बेहतर स्थिति में है।
संतुष्टि बयां नहीं कर सकते
हिमालय की गोद से उत्तराखंड की कोई गरीब महिला जब मुझे दिल्ली में बैठकर अपनी और अपने देश की चिंता करने वाला बेटा बताती है तो इससे मिली संतुष्टि को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। -नरेंद्र मोदी, पीएम
रणनीति...2014 से पहले बनाम बाद की जंग
मंत्रिपरिषद की बैठक में अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न क्षेत्रों की साल 2014 से पहले और 2014 के बाद की स्थिति का तुलनात्मक ब्यौरा पेश करने की रणनीति बनी। पीएम मोदी ने कहा, लोगों को पता चलना चाहिए कि विभिन्न क्षेत्रों में हमारी सरकार आने से पहले क्या स्थिति थी और अब क्या स्थिति है। नई पीढ़ी ने पिछली सरकारों का कामकाज नहीं देखा है। ऐसे में उन्हें तुलना के लिए वस्तुस्थिति से अवगत कराना जरूरी है।
ब्रिटिश राज की याद दिलाने वाले कानून होंगे रद्द
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को सुझाव दिया कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी जो कानून ब्रिटिश राज की याद दिला रहे हैं उन्हें चिह्नित कर रद्द किया जाए। प्रधानमंत्री ने मंत्रिपरिषद की बैठक में कहा कि वह मध्य वर्ग के लाभ के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों और योजनाओं की जानकारी इस वर्ग तक पहुंचाएं। उन्होंने इसके लिए सोशल मीडिया समेत संचार के अन्य प्रभावी माध्यमों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सूचना और प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्र ने बैठक में बताया कि लोगों तक पहुंचने और सरकार के अच्छे कामों के प्रचार के लिए सोशल मीडिया मंचों का किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया, पीएम ने कहा कि एक ओर जहां सरकारी योजनाओं से गरीबों और हाशिये के लोगों को बेहद लाभ हुआ है वहीं, सरकार की कई पहलों से मध्यम वर्ग का जीवन भी आसान हुआ है। मंत्रियों को इन पहलों की जानकारी के साथ मध्य वर्ग तक पहुंच बनानी चाहिए। बैठक में मंत्रियों को सरकार की इन पहलों से जुड़ी जानकारी के कागजात भी उपलब्ध कराए गए।
केंद्रीय मंत्रिपरिषद की 2023 में यह पहली बैठक थी। इस दौरान कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने तीन प्रस्तुतियां दीं, जिनके जरिये मोदी सरकार की ओर से पिछले आठ साल में सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में किए गए कामों के बारे में बताया गया। इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य का क्षेत्र भी शामिल था। कैबिनेट सचिव ने मंत्रियों को बताया कि केंद्र सरकार ने दूरस्थ क्षेत्रों तक आईआईटी, आईआईएम और आईआईएस खोले हैं।
हर स्तर पर बढ़ा छात्रों का दाखिला
कैबिनेट सचिव ने बैठक में बताया कि पिछले आठ सालों में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के हर स्तर पर छात्रों का दाखिला बढ़ा है। सरकारी स्कूलों का मौलिक ढांचा, मानवीय और अन्य संसाधनों के स्तर पर पूरी तरह बदला है। अंतर स्नातक और स्नातकोत्तर की सीटों में भी वृद्धि हुई जिसका लाभ छात्रों को हुआ है।
- उद्योग सचिव ने भी दी प्रस्तुति बैठक में उद्योग और आंतरिक व्यापार सचिव अनुराग जैन ने भी प्रस्तुति दी, जिसमें सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं की जानकारी दी गई। इस प्रस्तुति में उन्होंने पूरी हो चुकी योजनाओं और बची योजनाओं की जानकारी दी।