भारत-ऑस्ट्रेलिया ECTA के 3 साल: 1 जनवरी 2026 से भारतीय निर्यातकों के लिए खुलेगा बड़ा बाजार, जानें इसके फायदे
India-Australia ECTA: भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते (ECTA) के 3 साल पूरे हो गए हैं। इस बीच वाणिज्स मंत्री पीयूष गोयल ने एलान किया है कि 1 जनवरी 2026 से 100% भारतीय उत्पादों पर ऑस्टेलिया में 'जीरो ड्यूटी' लगेगी। समझौता लागू होने के बाद भारत के ऑस्ट्रेलिया को निर्यात में 8% की वृद्धि हुई है। टेक्सटाइल-ज्वैलरी सेक्टर को इससे फायदा मिला है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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विस्तार
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) के तीन साल पूरे होने के मौके पर भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी खबर आई है। केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को बताया कि 1 जनवरी, 2026 से ऑस्ट्रेलिया में भारतीय वस्तुओं के लिए बाजार पूरी तरह शुल्क मुक्त हो जाएगा।
यह कदम भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, क्योंकि इससे टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी और लेदर जैसे सेक्टर्स को ऑस्ट्रेलियाई बाजार में बिना किसी टैक्स बाधा के एंट्री मिलेगी।
निर्यात में 8% की शानदार बढ़ोतरी
वाणिज्य मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया को भारत का निर्यात 8 प्रतिशत बढ़ा है। इस वृद्धि में रसायन, कपड़ा, प्लास्टिक, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम उत्पाद और रत्न व आभूषण (जेम्स एंड जूलरी) जैसे प्रमुख क्षेत्रों का बड़ा योगदान रहा है।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर कहा, "1 जनवरी, 2026 से भारतीय निर्यात के लिए 100 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई टैरिफ लाइन्स (उत्पाद श्रेणियां) जीरो-ड्यूटी होंगी। इससे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।"
समझौते के 3 साल के दौरान क्या-क्या हुआ?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह अंतरिम व्यापार समझौता 29 दिसंबर, 2022 को लागू हुआ था। आज इसके तीन साल पूरे हो गए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना और शुल्क बाधाओं को कम करना था।
मंत्री ने समझौते की सफलता के बारे में बताते हुए कहा, "पिछले तीन वर्षों में इस करार ने निरंतर निर्यात वृद्धि, बाजार तक गहरी पहुंच और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने का काम किया है। इसका सीधा लाभ भारतीय निर्यातकों, एमएसएमई, किसानों और श्रमिकों को मिला है।"
श्रम-प्रधान क्षेत्रों को सबसे ज्यादा फायदा
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देश में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलने से भारतीय उत्पाद वहां चीन और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले ज्यादा किफायती हो जाएंगे। चूंकि कपड़ा, चमड़ा और आभूषण उद्योग में बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होता है, इसलिए यह कदम भारत की रोजगार वृद्धि में भी सहायक होगा।
भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते में क्या खास?
- समझौता लागू हुआ: 29 दिसंबर, 2022
- पूर्ण शुल्क माफी: 1 जनवरी, 2026 से (100% टैरिफ लाइन्स पर)
- मौजूदा वित्त वर्ष में वृद्धि: निर्यात में 8% का इजाफा
- लाभ लेने वाले सेक्टर: टेक्सटाइल, फार्मा, केमिकल्स, जेम्स एंड जूलरी
नए साल में लागू होने वाली 100 प्रतिशत टैरिफ छूट के साथ, भारत सरकार को उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया के साथ द्विपक्षीय व्यापार के आंकड़ों में और तेजी देखने को मिलेगी।