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RBI: घरेलू सौदों के लिए आरबीआई के जरिये देश में विदेशी मुद्रा लेनदेन की मिले अनुमति, अमेरिकी बैंक से लगे रोक
Tue, 25 Apr 2023 05:54 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 25 Apr 2023 05:54 AM IST
सार
अमेरिकी डॉलर जैसी विदेशी मुद्राओं से जुड़े ऐसे घरेलू सौदे आरबीआई के जरिये होने चाहिए। इस समय देश में अमेरिकी डॉलर के लेनदेन पर शुल्क लगाया जाता है।
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आरबीआई
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
सलाहकारों और सेवा प्रदाताओं ने सरकार से आग्रह किया है कि विदेशी मुद्रा के घरेलू सौदों को अमेरिकी बैंकिंग प्रणाली के रास्ते होने की मौजूदा व्यवस्था को रोका जाए। इससे लेनदेन शुल्क और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
उन्होंने सोमवार को कहा कि अमेरिकी डॉलर जैसी विदेशी मुद्राओं से जुड़े ऐसे घरेलू सौदे आरबीआई के जरिये होने चाहिए। इस समय देश में अमेरिकी डॉलर के लेनदेन पर शुल्क लगाया जाता है। मौजूदा व्यवस्था के तहत, अगर दिल्ली से फरीदाबाद की किसी कंपनी को अमेरिकी डॉलर में भुगतान करना हो तो ऐसा अमेरिकी वित्तीय प्रणाली के जरिये करना होगा।
परामर्शदाता इंजीनियरों के अंतरराष्ट्रीय संगठन एफआईडीआईसी के दूत (एशिया-प्रशांत) केक. कपिला ने कहा, विदेशी मुद्रा के घरेलू सौदों का लेनदेन सीधे केंद्रीय बैंक के जरिये होना चाहिए। अमेरिकी बैंकिंग प्रणाली के जरिये लेनदेन करना जरूरी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बैंकिंग प्रणाली के जरिये होने वाले लेनदेन से देश को पूंजी का काफी नुकसान हो रहा है। इसका लाभ अमेरिका को मिल रहा है। कपिला ने बताया कि घरेलू मुद्रा को बचाने के लिए फिलीपीन जैसा छोटा देश भी अपने आंतरिक विदेशी मुद्रा लेनदेन को अमेरिका के जरिये नहीं करता है।
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फ्यूचर रिटेल को खरीदने के लिए 48 कंपनियां दौड़ में
नई दिल्ली। कर्ज से दबी फ्यूचर रिटेल को खरीदने के लिए 48 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। इसमें रिलायंस रिटेल, जिंदल पावर और अदाणी समूह भी हैं। इन्हें योग्य खरीदारों की सूची में चुना गया है।
10 अप्रैल को फ्यूचर रिटेल के समाधान पेशेवर ने इन कंपनियों की सूची जारी की थी। एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने 15 जुलाई तक के लिए कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस को बढ़ा दिया था।
सरकार ने खरीदा 111 लाख टन गेहूं, 11.8 लाख किसानों को लाभ
सरकार की गेहूं खरीद चालू विपणन वर्ष 2023-24 (अप्रैल-मार्च) में अब तक 12 फीसदी बढ़कर 111 लाख टन पहुंच गई है। एक साल पहले इसी अवधि में यह 99 लाख टन थी। खाद्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, खरीद प्रक्रिया से अब तक 11.89 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आधार पर 23,663.63 करोड़ रुपये इस पर खर्च होगा। सरकार ने विपणन वर्ष 2023-24 के लिए 3.42 करोड़ टन खरीद लक्ष्य रखा है। 2022-23 में 1.9 करोड़ टन की खरीद हुई थी। पिछले साल गर्मी की लहर के कारण घरेलू उत्पादन में गिरावट से गेहूं खरीद में गिरावट आई थी। हालांकि, इस साल गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड 11.218 करोड़ टन के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है।
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उन्होंने सोमवार को कहा कि अमेरिकी डॉलर जैसी विदेशी मुद्राओं से जुड़े ऐसे घरेलू सौदे आरबीआई के जरिये होने चाहिए। इस समय देश में अमेरिकी डॉलर के लेनदेन पर शुल्क लगाया जाता है। मौजूदा व्यवस्था के तहत, अगर दिल्ली से फरीदाबाद की किसी कंपनी को अमेरिकी डॉलर में भुगतान करना हो तो ऐसा अमेरिकी वित्तीय प्रणाली के जरिये करना होगा।
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परामर्शदाता इंजीनियरों के अंतरराष्ट्रीय संगठन एफआईडीआईसी के दूत (एशिया-प्रशांत) केक. कपिला ने कहा, विदेशी मुद्रा के घरेलू सौदों का लेनदेन सीधे केंद्रीय बैंक के जरिये होना चाहिए। अमेरिकी बैंकिंग प्रणाली के जरिये लेनदेन करना जरूरी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बैंकिंग प्रणाली के जरिये होने वाले लेनदेन से देश को पूंजी का काफी नुकसान हो रहा है। इसका लाभ अमेरिका को मिल रहा है। कपिला ने बताया कि घरेलू मुद्रा को बचाने के लिए फिलीपीन जैसा छोटा देश भी अपने आंतरिक विदेशी मुद्रा लेनदेन को अमेरिका के जरिये नहीं करता है।
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फ्यूचर रिटेल को खरीदने के लिए 48 कंपनियां दौड़ में
नई दिल्ली। कर्ज से दबी फ्यूचर रिटेल को खरीदने के लिए 48 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। इसमें रिलायंस रिटेल, जिंदल पावर और अदाणी समूह भी हैं। इन्हें योग्य खरीदारों की सूची में चुना गया है।
10 अप्रैल को फ्यूचर रिटेल के समाधान पेशेवर ने इन कंपनियों की सूची जारी की थी। एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने 15 जुलाई तक के लिए कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस को बढ़ा दिया था।
सरकार ने खरीदा 111 लाख टन गेहूं, 11.8 लाख किसानों को लाभ
सरकार की गेहूं खरीद चालू विपणन वर्ष 2023-24 (अप्रैल-मार्च) में अब तक 12 फीसदी बढ़कर 111 लाख टन पहुंच गई है। एक साल पहले इसी अवधि में यह 99 लाख टन थी। खाद्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, खरीद प्रक्रिया से अब तक 11.89 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आधार पर 23,663.63 करोड़ रुपये इस पर खर्च होगा। सरकार ने विपणन वर्ष 2023-24 के लिए 3.42 करोड़ टन खरीद लक्ष्य रखा है। 2022-23 में 1.9 करोड़ टन की खरीद हुई थी। पिछले साल गर्मी की लहर के कारण घरेलू उत्पादन में गिरावट से गेहूं खरीद में गिरावट आई थी। हालांकि, इस साल गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड 11.218 करोड़ टन के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है।