पाकिस्तान में कमरतोड़ हुई महंगाई, विकास दर भी गिरी, लोगों का जीना हुआ मुहाल
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पाकिस्तान जल्द ही अपने आपको दिवालिया घोषित कर सकता है। जहां एक तरफ पड़ोसी मुल्क में महंगाई दर नौ फीसदी के पार चली गई है, वहीं दूसरी तरफ एशियाई विकास बैंक ने अनुमान लगया है कि देश की विकास दर 3.9 फीसदी रहेगी।
इतनी हुई महंगाई दर
पाकिस्तान में मार्च 2019 के दौरान महंगाई की दर पांच वर्ष के उच्चतम स्तर 9.41 फीसदी पर पहुंच गई है। महंगाई का यह स्तर अप्रैल 2014 के बाद का सर्वाधिक है। उस समय महंगाई 9.2 फीसदी आंकी गई थी। मार्च महीने में ही महंगाई एक माह पहले की तुलना में 1.42 फीसदी बढ़ गई है।
और बढ़ेगी बेरोजगारी
पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो की तरफ से जारी किए गए महंगाई के आंकड़ों के अनुसार, महंगाई बढ़ने से गरीबी रेखा में रहने वालों की संख्या में 40 लाख का और इजाफा हो जाएगा, जबकि इस साल दस लाख लोग और बेरोजगार हो जाएंगे।
विकास दर का यह है अनुमान
वित्तीय संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट आने के संकेत हैं। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने व्यापक आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2018 में 5.2 फीसदी से गिरकर 2019 में 3.9 फीसदी पर आ जाने का अनुमान है।
विदेशी मुद्रा को हुआ भारी नुकसान
एशियाई विकास परिदृश्य 2019 के अनुसार, कृत्रि क्षेत्र में सुधार के बावजूद 2018 में पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर धीमी पड़ी है। पाकिस्तान की विस्तारवादी राजकोषीय नीति ने बजट और चालू खाते के घाटे को व्यापक रूप से बढ़ाया और विदेशी मुद्रा का भारी नुकसान किया है।
एडीबी ने कहा कि जब तक वृहद आर्थिक असंतुलन को कम नहीं किया जाता है तब तक वृद्धि के लिए परिदृश्य धीमा बना रहेगा, ऊंची मुद्रास्फीति रहेगी, मुद्रा पर दबाव बना रहेगा। उसे थोड़ा बहुत विदेशी मुद्रा भंडार भी बनाये रखने के लिये भारी मात्रा में बाहरी वित्तपोषण की जरूरत होगी। अपनी भारी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिये पाकिस्तान सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ एक वृहदआर्थिक स्थिरीकरण कार्यक्रम पर बातचीत कर रही है।