USTDA: निदेशक बोलीं- हम भारत में 200 परियोजनाओं पर काम कर रहे, इनमें 37 अरब डॉलर का निवेश संभव
USTDA Director: भारत के हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा देने पर यूएसटीडीए की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यूएसटीडीए नई प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में भारत के साथ सहयोग में रुचि रखता है।
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यूएस ट्रेड एंड डेवलपमेंट एजेंसी (USTDA) भारत में 200 ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही जिसमें करीब 37 अरब डॉलर के निवेश की संभावना बनेगी। संस्थान की निदेशक इनोह टी इबोंग ने बुधवार दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ये 200 प्रोजेक्ट्स स्वच्छ ऊर्जा के ट्रांसपोर्टेशन, डिजिटल ढांचा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हैं।
इबोंग ने कहा, “हमारा अनुमान है कि ये परियोजनाएं करीब 37 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करेंगी। हम ऐसी परियोजनाएं तैयार करते हैं जिन्हें निजी क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र और बहुपक्षीय बैंकों की ओर से वित्त पोषित किया जा सकता है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इन परियोजनाओं को लागू किया जाए और निवेशकों को परियोजनाओं में विश्वास हो।”
भारत के हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा देने पर यूएसटीडीए की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यूएसटीडीए नई प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में भारत के साथ सहयोग में रुचि रखता है। उन्होंने कहा “मैंने देश की योजनाओं के बारे में बहुत कुछ सुना है। ग्रीन हाइड्रोजन मिशन कें लिए नई तकनीक विकसित करने में सहयोग करने में हम बहुत रुचि रखते हैं।
हम नई प्रौद्योगिकियों सहित प्रौद्योगिकियों को उस बिंदु पर लाने की तैयारी और मदद करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ये निवेश पाने में सक्षम हों। यूएसटीडीए के कामकाज पर निदेशक ने कहा, “हमारा मिशन अमेरिकी उद्योग जगत के सहयोग से दुनियाभर की उभरती अर्थव्यवस्थाओं में टिकाऊ बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाना है। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विकास में योगदान देने के उद्देश्य से हमने 30 वर्षों के लिए भारत के निजी क्षेत्र, राज्य सरकारों और संघीय सरकार के साथ भागीदारी की है।”