{"_id":"641b317b5ff5ebed7e0e68a4","slug":"oppo-official-arrested-in-rs-19-crore-gst-fraud-case-sent-to-judicial-custody-till-april-3-2023-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"GST: 19 करोड़ के जीएसटी धोखाधड़ी मामले में ओप्पो का अधिकारी गिरफ्तार, 3 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
GST: 19 करोड़ के जीएसटी धोखाधड़ी मामले में ओप्पो का अधिकारी गिरफ्तार, 3 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया
Wed, 22 Mar 2023 10:20 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 22 Mar 2023 10:20 PM IST
सार
GST: सीजीएसटी भिवंडी के अधिकारी ने बयान में कहा कि ओप्पो मोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वित्त एवं लेखा विभाग के प्रबंधक महेंद्र कुमार रावत को भिवंडी शहर में गिरफ्तार किया गया। बाद में इन्हें एक स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को तीन अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
विज्ञापन
GST
- फोटो : Istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुंबई क्षेत्र के केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बुधवार को चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ओप्पो के वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ्तार किया है। इस अधिकारी पर जाली चालान के जरिये 19 करोड़ रुपये के इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने का आरोप है।
विज्ञापन
सीजीएसटी भिवंडी के अधिकारी ने बयान में कहा कि ओप्पो मोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वित्त एवं लेखा विभाग के प्रबंधक महेंद्र कुमार रावत को भिवंडी शहर में गिरफ्तार किया गया। बाद में इन्हें एक स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को तीन अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
विज्ञापन
इस संबंध की गई जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर आरोपी को सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के अंतर्गत इसी अधिनियम की धारा-132 के उल्लंघन के लिए गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
बयान में कहा गया है कि सीजीएसटी भिवंडी आयुक्तालय ने अपनी जांच में पाया कि ओप्पो, महाराष्ट्र कोई सामान प्राप्त किए बिना जाली आईटीसी का लाभ लिया। इस संबंध में उक्त लेनदेन के 16 ई-वे बिलों का सत्यापन किया गया सभी फर्जी पाए गए। इसके अलावा, ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिक के बयान दर्ज किए गए, जिसमें यह खुलासा हुआ कि ओप्पो महाराष्ट्र को माल की आपूर्ति नहीं की गई थी।