{"_id":"65145567ae5d37029e077a86","slug":"onus-with-private-sector-to-lead-country-on-sustainable-growth-path-niti-aayog-vc-2023-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास: देश को सतत वृद्धि के पथ पर ले जाने की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र की, बोले नीति आयोग के उपाध्यक्ष","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
विकास: देश को सतत वृद्धि के पथ पर ले जाने की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र की, बोले नीति आयोग के उपाध्यक्ष
Wed, 27 Sep 2023 09:46 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 27 Sep 2023 09:46 PM IST
सार
नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा, "अगर हमें मध्यम आय के जाल से बाहर निकलना है तो निजी क्षेत्र को अपने निवेश और कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत अनुसंधान व विकास में अपना योगदान बढ़ाने की जरूरत है। बेरी ने कहा कि सतत वृद्धि के पथ पर हमारा नेतृत्व करने की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र की है।"
विज्ञापन
नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी।
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीति आयोग की उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने बुधवार को कहा कि सरकार समग्र विकास की सुविधा दे रही है लेकिन देश को सतत वृद्धि के पथ पर ले जाने की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र की है। बेरी ने पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (पीएएफआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में निजी क्षेत्र का योगदान 40 प्रतिशत है, जबकि विकसित देशों में इसकी हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है।
विज्ञापन
नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा, "अगर हमें मध्यम आय के जाल से बाहर निकलना है तो निजी क्षेत्र को अपने निवेश और कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत अनुसंधान व विकास में अपना योगदान बढ़ाने की जरूरत है। बेरी ने कहा कि सतत वृद्धि के पथ पर हमारा नेतृत्व करने की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र की है।"
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि देश को सतत विकास के पथ पर ले जाने के लिए अमृत काल में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच संबंधों को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता है। बेरी ने आगे कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी आबादी और लचीले भौतिक और डिजिटल संस्थानों के लाभ से भारत का टेक-ऑफ क्षण आ गया है।
विज्ञापन