Nirmala Sitharaman: '2014 से हर साल एक IIT या IIM खोला गया', बिट्स पिलानी के मुंबई कैंपस में बोलीं मंत्री
Nirmala Sitharaman: बिट्स पिलानी के मुंबई कैंपस के उद्घाटन समारोह के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि स्किल इंडिया मिशन के तहत 1.4 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भारत की शिक्षा को बहुत हद तक सुगम बनाया जा रहा है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को महाराष्ट्र के कल्याण में बिट्स पिलानी के मुंबई कैंपस के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि साल 2014 के बाद से देश में हर साल एक नया आईआईटी/आईआईएम खोला जा रहा है। भारत में हर हफ्ते एक नया विश्वविद्यालय बनाया जाता है। हर तीसरे दिन एक अटल टिंकरिंग लैब खोली जाती है। वहीं हर दूसरे दिन एक नए कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि हर दिन एक नया आईटीआई बन रहा है।
Since 2014:
— Nirmala Sitharaman Office (@nsitharamanoffc) February 24, 2024
- One new IIT/IIM is opened every year
- Every week 1 new university is built in India
- Every third day 1 Atal Tinkering lab is opened
- Every second day 1 new college is being constructed
- Every day 1 new ITI is getting formed
- 1.4 crore youth have been trained… pic.twitter.com/Tzqk6fdESz
बिट्स पिलानी के मुंबई कैंपस के उद्घाटन समारोह के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि स्किल इंडिया मिशन के तहत 1.4 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भारत की शिक्षा को बहुत हद तक सुगम बनाया जा रहा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि शिक्षा क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन किया जाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "इनोवेट फ्रॉम इंडिया टू इनोवेट फॉर इंडिया वह सिद्धांत है जिसपर हमारी सरकार ने काम किया है, इसलिए देश में इनोवेशन को सारा सपोर्ट मिलता है। अपने नवीनतम बजट में मैंने घोषणा की है कि इनोवेशन, रिसर्च और डेवेलपमेंट के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का कोष दिया जाएगा।"
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सक्रिय रूप से कई देशों के साथ एमआरए (Mutual Recognition of Academic Qualifications) ढांचे को मान्यता दिलाने की कोशिश कर रही है। ताकि वे हमारे छात्रों को एक समझौता ज्ञापन के माध्यम से ले जा सकें। हमने हाल ही में फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के साथ कई द्विपक्षीय एमओयू और समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, और कई अन्य देशों से इस मामले में बातचीत की प्रक्रिया चल रही है।