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Oil Prices: इस्राइल पर हमास के हमलों के बाद कच्चे तेल और सोने में तेजी, क्या यह दुनिया के लिए है खतरे की घंटी?

Mon, 09 Oct 2023 06:21 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 09 Oct 2023 06:21 PM IST
सार

Oil Prices: विश्लेषक मानते हैं कि इस्राइल पर हमले का कच्चे तेल की आपूर्ति पर सीधा असर पड़ने की आशंका नहीं है। इजरायल, क्षेत्रीय उथल-पुथल का सामना करने के बावजूद, 300,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) की संयुक्त क्षमता के साथ दो तेल रिफाइनरियों को जारी रखे हुए है, जबकि फिलिस्तीन तेल का उत्पादन नहीं करता है।

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Oil prices surge after Hamas’ attack on Israel, supply disruptions likely
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इस्राइल पर हमास के हमले के बाद मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव परवान पर पहुंच गया है। इस बीच कच्चे तेल की कीमतें 4.5 प्रतिशत उछलकर 87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं हैं। यह तेल की कीमतों में पिछले हफ्ते आई आठ प्रतिशत की गिरावट के उलट है। इस्राइल पर हमास के हमले ने वैश्विक तेल बाजार में खतरे की घंटी बजा दी है। ऐसा प्रमुख तेल उत्पादक और निर्यात केंद्र के रूप में इस क्षेत्र की महत्ता के कारण है।

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हालांकि विश्लेषक मानते हैं कि इस्राइल पर हमले का कच्चे तेल की आपूर्ति पर सीधा असर पड़ने की आशंका नहीं है। इस्राइल, क्षेत्रीय उथल-पुथल का सामना करने के बावजूद, 300,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) की संयुक्त क्षमता के साथ दो तेल रिफाइनरियों को जारी रखे हुए है, जबकि फलस्तीन तेल का उत्पादन नहीं करता है। इसलिए, इस क्षेत्र में तेल उत्पादन और वितरण में तत्काल व्यवधान सीमित सह सकता है।
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भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि से बाजार की चिंता बढ़ी
इस बीच, भू-राजनीतिक तनाव में और वृद्धि की संभावनाओं के कारण बाजार में चिंता बढ़ी है। यह चिंता खासकर उन रिपोर्ट्स के कारण है जिसमें कहा गया है कि इस्राइल पर हमले में ईरान की भागीदारी है। हालांकि दूसरी ओर, बहरीन, इराक, कुवैत, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब सहित कई प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए तेल उत्पादन को समायोजित रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। ये राष्ट्र किसी भी आपूर्ति व्यवधान को कम करने और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय में तेल की कीमतें स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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लंबे समय तक खिंची लड़ाई तो बढ़ सकती है परेशानी
तेल की कीमतों में अचानक वृद्धि के लिए भू-राजनीतिक तनाव के अलावे और भी कारण हो सकते हैं। यार्देनी रिसर्च के अनुसार, "बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि संकट अल्पकालिक है या इस्राइल और ईरान के बीच एक बड़ा युद्ध होता है।" वांडा इनसाइट्स की वंदना हरि के अनुसार, "इजरायल और फलस्तीन प्रमुख तेल उत्पादक देश नहीं हैं, लेकिन यह संघर्ष एक व्यापक प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र में हो रहा है और यह आगे और बढ़ सकता है।"

सोने की कीमतों में भी एक प्रतिशत से अधिक का उछाल
सोने की कीमतें भी सोमवार को 1% से अधिक बढ़ गईं इजरायल और हमास बलों के बीच नाटकीय झड़पों ने व्यापक मध्य पूर्व संघर्ष का खतरा बढ़ा दिया। बाजार में बुलियन जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग में तेजी आने से कीमतों में उछाल दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत संकेतों के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 300 रुपये की तेजी के साथ 58,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

पिछले कारोबारी सत्र में सोना 58,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी भी 500 रुपये की तेजी के साथ 72,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में जिंसों के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा, ''वैश्विक चिंताओं के बीच सोने की कीमत में शुक्रवार की तेजी को जारी रखने के लिए नई गति मिली। वैश्विक बाजार में सोना और चांदी तेजी के साथ क्रमश: 1,848 डॉलर प्रति औंस और 21.70 डॉलर प्रति औंस पर के भाव पर कारोबार करते दिखे।" मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी रिसर्च के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवनीत दमानी ने कहा कि इजरायल और हमास के बीच झड़पों से मध्य पूर्व में व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ गया है और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग बढ़ गई है।


इ्स्राइल मसले पर हरदीप पुरी बोले- भारत इसे परिपक्वता से निपटेगा
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करना ''थोड़ा दीर्घकालिक'' है। शुद्ध शून्य लक्ष्य के तहत, भारत 2070 तक पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा पर स्विच करेगा।पुरी ने 26वीं ऊर्जा प्रौद्योगिकी बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "2070 तक हमारा शुद्ध शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य कुछ अधिक दीर्घकालिक है।" उनका विचार है कि भारत ऊर्जा संक्रमण की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गेल, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और अन्य के लिए एनर्जी ट्रांजिशन का लक्ष्य 2035 से 2040 है। उन्होंने बताया कि भारत में एनर्जी ट्रांजिशन पहले जीवाश्म आधारित से स्वच्छ ईंधन और फिर नवीकरणीय ऊर्जा में होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक अनिश्चितता एनर्जी ट्रांजिशन (ऊर्जा संक्रमण) के लिए एक गतिशील चालक है।

जहां कार्रवाई हो रही वह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा का केंद्र
इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर, उन्होंने कहा कि इस तरह के संकट जैव ईंधन, नवीकरणीय आदि की ओर ऊर्जा संक्रमण को तेज करते हैं। इजराइल पर शनिवार को हमास के आतंकवादियों ने हमला किया था और तब से दोनों पक्षों के बीच लड़ाई चल रही है जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है। मंत्री ने कहा, 'भारत इसे (इजरायल-फलस्तीन संघर्ष) परिपक्वता के साथ निपटेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने कहा, 'जहां तक ऊर्जा का सवाल है, हमें यह पूरी तरह स्पष्ट कर देना चाहिए कि जिस स्थान पर कार्रवाई हो रही है, वह कई मामलों में वैश्विक ऊर्जा का केंद्र है। हम इस मामले को बहुत सावधानी से देखेंगे और आगे बढ़ेंगे।

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