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चुनाव खत्म होते ही महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, फिलहाल राहत की गुंजाइश नहीं

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 20 May 2019 07:21 PM IST
oil marketing companies start increasing  prices of petrol diesel after exit poll result came out
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खास बातें

  • लोकसभा चुनाव खत्म होने के साथ ही तेल कंपनियां बढ़ाने लगीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें 
  • 10 डॉलर से ज्यादा महंगा हुआ क्रूड अंतरराष्ट्रीय बाजार में चुनाव के दौरान
  • 73 पैसे ही महंगा हुआ पेट्रोल इस दौरान, डीजल सस्ता ही रहा
  • दो से तीन रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें 
लोकसभा चुनाव के लिए आखिरी चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। दरअसल, 10 मार्च को लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हुई थी, उस दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 72.40 पैसे प्रति लीटर और डीजल 67.54 रुपये प्रति लीटर था।
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10 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 56 डॉलर प्रति लीटर था। तब से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 10 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा की तेजी आ चुकी है। इसके बावजूद जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, उस हिसाब से घरेलू बाजार में दोनों ईंधनों की कीमतें नहीं बढ़ी।

चुनाव के दौरान घरेलू बाजार में पेट्रोल अधिकतम 73 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ, जबकि डीजल की कीमतें कम हुईं। लेकिन चुनाव खत्म होते ही तेल कंपनियां इस दौरान हुए घाटे की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करनी शुरू कर दी है। आने वाले समय में इनकी कीमतों में और इजाफा हो सकता है। 

एक दिन बाद ही बढ़ीं कीमतें

19 मई को लोकसभा चुनाव के लिए आखिरी चरण का मतदान समाप्त होने के एक दिन बाद ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी। इंडियन ऑयल से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल नौ पैसे महंगा होकर 71.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 15 पैसे महंगा होकर 66.11 प्रति लीटर हो गया।

वहीं, एक दिन पहले पेट्रोल 71.03 रुपये प्रति लीटर और डीजल  65.96 रुपये प्रति लीटर था। वहीं, 1 मई, 2019 को दिल्ली में पेट्रोल 73.13 रुपये प्रति लीटर और डीजल 66.71 रुपये प्रति लीटर था।

66.30 पर जा पहुंचा था कच्चा तेल

चुनाव की घोषणा होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होते-होते 23 अप्रैल, 2019 को 66.30 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया। इसके बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल की कीमतें धीरे-धीरे बढ़कर 1 मई, 2019 को अधिकतम 73.13 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर जा पहुंचा, जो 10 मार्च, 2019 की कीमत के मुकाबले महज 73 पैसे ही ज्यादा है। डीजल के दाम तो 10 मार्च की कीमत के मुकाबले पूरे चुनाव के दौरान कम ही रहे।

फिलहाल राहत की गुंजाइश नहीं

बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीते दिनों कच्चे तेल की कीमतों में जो तेजी आई थी, चुनाव के दौरान उसका असर घरेलू बाजार में नहीं दिखा। लेकिन अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। आने वाले दिनों में इनकी कीमतों में दो से तीन रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

एंजल ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष एवं ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ अनुज गुप्ता का कहना है कि पिछले दिनों कच्चे तेल की कीमतों में जो वृद्धि हुई, उसका असर पेट्रोल और डीजल के दाम पर जितना दिखना चाहिए, उतना नहीं दिखा। पहले से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी। 

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