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त्योहारों से पहले वित्त मंत्री ने दिया तोहफा, नई कंपनियों को देना होगा सिर्फ 15 फीसदी टैक्स

Fri, 20 Sep 2019 12:05 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Fri, 20 Sep 2019 12:05 PM IST
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Nirmala Sitharaman propose to slash the corporate tax rates for domestic companies
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : PTI

जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घरेलू कंपनियों को बड़ी राहत दी है। निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती कर दी है। घरेलू कंपनियों पर बिना किसी छूट के इनकम टैक्स 22 फीसदी होगा। जबकि सरचार्ज और सेस जोड़कर प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी। पहले यह दर 30 फीसदी थी। कैपिटल गेन पर सरचार्ज खत्म हो गया है। कॉर्पोरेट कर की दर घटाने से राजस्व में सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है। वित्त मंत्री के एलान के बाद शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला।

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इसके लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक अध्यादेश लाकर घरेलू कंपनियों, नयी स्थानीय विनिर्माण कंपनियों के लिये कॉर्पोरेट कर कम करने का प्रस्ताव दिया।
 

यह भी पढ़ें: वित्त मंत्री ने की घोषणा, 400 जिलों में लगने जा रहा है 'लोन मेला'


कंपनी के पास होगा ये विकल्प

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यदि कोई घरेलू कंपनी किसी प्रोत्साहन का लाभ नहीं लेती है, तो उसके पास 22 फीसदी की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प होगा।

जो कंपनियां 22 फीसदी की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प चुन रही हैं, उन्हें न्यूनतम वैकल्पिक कर का भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। अधिशेषों और उपकर समेत प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी।

नई कंपनियों को देना होगा 15 फीसदी कर

सीतारमण ने कहा कि एक अक्टूबर के बाद बनी नई घरेलू विनिर्माण कंपनियां बिना किसी प्रोत्साहन के 15 फीसदी की दर से आयकर भुगतान कर सकती हैं। नई विनिर्माण कंपनियों के लिये सभी अधिशेषों और उपकर समेत प्रभावी दर 17.01 फीसदी होगी।

शेयरों की पुनर्खरीद की घोषणा पांच जुलाई से पहले करने वाली कंपनियों पर टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि कर छूट से मेक इन इंडिया में निवेश आएगा, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, इससे राजस्व बढ़ेगा।

MAT को किया खत्म

इसके साथ ही सरकार ने मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स (MAT) भी खत्म कर दिया गया है। एमएटी ऐसी कंपनियों पर लगाया जाता है जो मुनाफा कमाती हैं। लेकिन रियायतों की वजह से इन पर टैक्स की देनदारी कम होती है।

सरकार ने प्रतिभूति लेन-देन कर की देनदारी वाली कंपनियों के शेयरों की बिक्री से हुए पूंजीगत लाभ पर बजट में प्रस्तावित उपकर को भी वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिये डेरिवेटिव समेत प्रतिभूतियों की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ पर धनाढ्य-उपकर समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया है।

शेयर बाजार में जोरदार उछाल

सुबह करीब 11 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 917.01 अंक यानी 2.54 फीसदी की बढ़त के बाद 37,010.48 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी की बात करें, तो 199.80 अंक यानी 1.87 फीसदी की बढ़त के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 10,904.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। घोषणा से रुपया 66 पैसे उछलकर 70.68 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया है।

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