संभल कर करें खर्च: कोरोना काल में मनी मैनेजमेंट के लिए अपनाएं ये छह सूत्र, नहीं होगी पैसों की परेशानी
इंदौर सीए ब्रांच के अध्यक्ष कीर्ति जोशी के अनुसार, जहां भी और जितना भी निवेश कर रखा है इसकी पूरी जानकारी अपने जीवनासाथी के साथ परिवार के सदस्यों को भी दें। सभी पॉलिसी की एक सूची तैयार करके रखनी चाहिए। इसमें नॉमिनी कौन-कौन है इसका भी उल्लेख किया जाना चाहिए...
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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते एक बार फिर राज्य लॉकडाउन की ओर बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर व्यवसाय और लोगों की जेबों पर भी पड़ा है। महंगाई भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में लोगों को पैसे से जुड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। अगर हालत ऐसे ही बने रहे तो भविष्य में लोगों की ये परेशानियां ओर बढ़ सकती है। पैसों की कमी से निपटने के लिए अभी से लोगों को इसकी तैयारियां करनी होगी। जिससे भविष्य में उन्हें आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए लोगों को क्या करना चाहिए आइए हम जानते हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस बेहद जरूरी
टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड्ढा ने अमर उजाला को बताया कि आज के दौर में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस बेहद ही जरूरी है। अगर आप या परिवार के किसी भी सदस्य के साथ कोई मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति बनती है तो इन पॉलिसी के दम पर हम इन्हें आसान कर सकते हैं। लेकिन इन पॉलिसी को लेते समय हमें कई बातों को ध्यान में रखना चाहिए। लाइफ इंश्योरेंस लेते समय पारंपरिक प्लान का चयन करना चाहिए। इसमें प्रीमियम कम होता है और सुरक्षा कवच ज्यादा मिलता है। अगर परिवार के किसी सदस्य के साथ अप्रिय घटना हो जाती है तो परिवार को वित्तीय सुरक्षा मिलती है।
छह माह का इमरजेंसी फंड बनाए
टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड्ढा ने आगे कहा, किसी प्रकार के आर्थिक संकट से बचने के लिए अपने मासिक खर्च सहित अन्य खर्चों के लिए कम से कम छह माह का इमरजेंसी फंड बना कर रखना चाहिए। अगर किसी को लगता है कि उसकी जॉब एक बार छुट गई है फिर वो आसानी से नहीं मिलेगी, तो ऐसी स्थिति में उन्हें एक साल का इमरजेंसी फंड बना कर रखना चाहिए। इनमें 50 फीसदी पैसा बैंक के सेविंग अकाउंट और 50 फीसदी पैसा म्यूचुअल फंड के लिक्विड फंड में रख सकते हैं। इस फंड का इस्तेमाल सिर्फ इमरजेंसी में ही करें।
फालतू कर्ज, पसर्नल लोन लेने से बचें
गौरी चड्ढा के अनुसार, कोरोना काल के दौरान हमें गैर-जरूरी खर्चों को बंद करना होगा। ऑनलाइन शापिंग, छुट्टियों में बाहर घूमने जैसे अपने खर्चों को आप घटा सकते हैं। इससे ज्यादा तो नहीं लेकिन थोड़ा बहुत पैसा बचाया जा सकता है, जो भविष्य के लिए मददगार साबित होगा। इस दौर में फालतू कर्ज या लोन लेने पर आप कर्ज के मकड़ जाल में फंस सकते हैं। आज कई लोग अपने क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भर पा रहे हैं और न ही अपनी लोन की किस्तें जमा कर पा रहे हैं। इससे क्रेडिट स्कोर भी खराब होता है और ब्याज भी बढ़ता है। इसीलिए भविष्य में किसी प्रकार की भी आर्थिक समस्या से बचने के लिए फालतू कर्ज लेने से बचें।
अलग-अलग जगह पैसा करें निवेश
टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड्ढा आगे बताती हैं कि कभी भी अपना पूरा पैसा एक ही जगह निवेश नहीं करना चाहिए। निवेश के दौरान पोर्टफोलियो में विविधता रखनी चाहिए, क्योंकि जरूरी नहीं कि आपने जहां पैसा लगाया है वह तय समय में उतना रिटर्न दे ही। इसलिए कुछ पैसा इक्विटी फंड और कुछ पैसा अन्य फंड में निवेश करना चाहिए। डेट फंड में पैसे की सुरक्षा मिलेगी जबकि इक्विटी फंड में निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
लाइफ पार्टनर और परिवार को दें निवेश की जानकारी
इंदौर सीए ब्रांच के अध्यक्ष कीर्ति जोशी ने अमर उजाला को बताया कि आपने जहां भी और जितना भी निवेश कर रखा है इसकी पूरी जानकारी अपने जीवनासाथी के साथ परिवार के सदस्यों को भी दें। सभी पॉलिसी की एक सूची तैयार करके रखनी चाहिए। इसमें नॉमिनी कौन-कौन है इसका भी उल्लेख किया जाना चाहिए। समय-समय पर नॉमिनी को अपडेट भी करते रहना चाहिए। हमेशा वसीयत भी तैयार करके रखें, जिससे भविष्य में कोई परेशानी नहीं हो।
खर्चों के लिए एक बजट तैयार करें
कीर्ति जोशी ने आगे बताया कि अपने परिवार की वित्तीय स्थिति को देखते हुए अपने परिवार का बजट तैयार करें। जो जरूरी खर्चे हैं उसके लिए एक अलग से बजट निर्धारत करें। सभी प्रकार के लोन, बिल और फीस के लिए अलग से बजट बनाएं। महीने के अंत में वास्तविक खर्चों के साथ बजट की तुलना करनी चाहिए। यह तुलना आपको अहसास कराएगी कि आपने उस महीने में क्या फिजूल खर्च किया है। इससे आप अपने फिजूल खर्चों को कंट्रोल कर सकेंगे और आपको ज्यादा बचत करने में मदद मिलेगी।