{"_id":"60b627a58ebc3e2bec5cdc29","slug":"ministry-of-home-affairs-approval-of-liquid-oxygen-supply-to-some-industries-proposal-of-department-of-trade-promotion-approved","type":"story","status":"publish","title_hn":"गृह मंत्रालय: कुछ उद्योगों को तरल ऑक्सीजन आपूर्ति की मंजूरी, व्यापार संवर्धन विभाग का प्रस्ताव स्वीकृत","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
गृह मंत्रालय: कुछ उद्योगों को तरल ऑक्सीजन आपूर्ति की मंजूरी, व्यापार संवर्धन विभाग का प्रस्ताव स्वीकृत
Tue, 01 Jun 2021 05:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 01 Jun 2021 05:57 PM IST
सार
उद्योगों को तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति के प्रस्ताव को गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। इससे उद्योंगों को राहत मिलेगी। मंत्रालय ने चिकित्सा उद्देश्यों के लिए इसकी कम न हो, यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ उद्योगों को तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति की अनुमति दे दी है। इसे लेकर उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने प्रस्ताव भेजा था। विभाग के अनुरोध को गृह मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है।
विज्ञापन
The request of Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) to the Union Home Ministry of allowing supply of liquid oxygen to certain industries has been accepted by MHA: Govt Sources
— ANI (@ANI) June 1, 2021
विज्ञापन
सरकारी सूत्रों ने बताया कि डीपीआईआईटी ने तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए एमएसएमई, रिफाइनरियों, स्टील, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों आदि जैसे कुछ उद्योगों को शामिल करने का अनुरोध किया था। इसे मंजूर करने के साथ ही गृह मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि अस्पताल और अन्य चिकित्सा उद्देश्यों के लिए तरल ऑक्सीजन की कमी न हो, इस बात का ध्यान रखा जाए।
विज्ञापन
इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि हम उन उद्योगों-संयंत्रों को आपूर्ति के लिए दैनिक आधार पर लगभग 2000 टन ऑक्सीजन जारी करेंगे, जिन्हें भट्टियों, रिफाइनरियों, प्रसंस्करण संयंत्रों, सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सभी एमएसएमई, निर्यात-उन्मुख इकाइयों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए इसकी आवश्यकता होती है।