विदेश मंत्रालय ने बदला पासपोर्ट का ये अहम नियम, गलतियों को ठीक करना हुआ आसान
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पासपोर्ट में छपी गलतियों को सही करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट जारी करने वाले अधिकारियों को शादी और जन्म तिथि के वैध प्रमाण के रूप में डिजिटल हस्ताक्षर को अपनाने के लिए अधिकृत किया है।
बदल गया ये अहम नियम
मंत्रालय ने पासपोर्ट में छपी गलत जन्म तिथि को आसानी से सही करने के लिए कदम उठाया है। नए नियमों के अनुसार अब आप कभी भी पासपोर्ट में छपी गलतियां ठीक कर सकते हैं। जबकि पहले ऐसा नहीं था। पुराने नियमों के अनुसार, पासपोर्ट मिलने के पांच साल के अंदर ही गलत जन्म तिथि को ठीक करवा सकते थे। बता दें कि पिछले साल विदेश मंत्रालय ने 12 मिलियन पासपोर्ट जारी किए थे।
भविष्य में हो सकते हैं ये बदलाव
इसके अतिरिक्त विदेश मंत्रालय को पासपोर्ट की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कुछ सुझाव भी मिले हैं। इन सुझावों में कहा गया है कि पासपोर्ट में माता-पिता और पति-पत्नी का नाम छपना अनिवार्य नहीं होना चाहिए। मंत्रालय को ये सुझाव एक महिला द्वारा की गई शिकायत के बाद दिए गए। दरअसल पासपोर्ट की प्रक्रिया के दौरान एक महिला को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। पैनल का कहना है कि विधवा महिलाओं और अविवाहित महिलाओं को अकसर कई दिक्कतें होती हैं। उन्हें अपनी निजी जानकारियां देना ठीक नहीं लगता है। इसलिए ये बदलाव होने चाहिए।