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Clean Energy: कर्नाटक, गुजरात स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के मामले में अव्वल, यूपी और बिहार की यह सच्चाई आई सामने
Tue, 23 Apr 2024 12:11 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 23 Apr 2024 12:11 PM IST
सार
Clean Energy: शोध संगठन इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (आईईईएफए) और स्वच्छ ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर की संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्नाटक और गुजरात ने स्वच्छ उर्जा के सभी आयामों में अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है।
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स्वच्छ ऊर्जा
- फोटो : i stock
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विस्तार
देश में स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के मामले में कर्नाटक और गुजरात सबसे अव्वल रहे हैं, यह दावा आईईईएफए व एम्बर की एक संयुक्त रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के बारे में कहा गया है कि उन्हें क्लीन एनर्जी अपनाना के मामले में अपनी कोशिशें बढ़ाने की जरूरत है।
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शोध संगठन इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (आईईईएफए) और स्वच्छ ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर की संयुक्त रिपोर्ट में मंगलवार को यह बात कही गई। रिपोर्ट के लेखकों ने कहा कि कर्नाटक और गुजरात ने सभी आयामों में अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है। इन राज्यों ने अपने बिजली क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को प्रभावी ढंग से जोड़ा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मजबूत प्रगति हुई है।
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दूसरी ओर झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को सुधार की जरूरत है। यह रिपोर्ट ऐसे वक्त में जारी हुई है जब भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी की लहर चल रही है। इसके कारण बिजली मंत्रालय 260 गीगावाट की अनुमानित अधिकतम बिजली मांग की तैयारी कर रहा है।
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भीषण गर्मी के मौसम में सौर ऊर्जा जैसी अधिक स्वच्छ ऊर्जा के लिए अनुकूल स्थितियां पैदा होती हैं। आईईईएफए के निदेशक (दक्षिण एशिया) और रिपोर्ट में योगदान करने वाले लेखक विभूति गर्ग ने कहा कि चक्रीय मौसमी परिस्थितियों के साथ ही तेज आर्थिक गतिविधियों के कारण भारत में हर साल अधिकतम बिजली की मांग बढ़ रही है। केंद्र सरकार ग्रिड में अधिक नवीकरणीय ऊर्जा को जोड़ने के लिए कदम उठा रही है, हालांकि राज्यों को भी ऐसा करने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अब राज्य स्तर पर कई मापदंडों की लगातार निगरानी करने की जरूरत है। एम्बर के एशिया कार्यक्रम निदेशक और रिपोर्ट में योगदान करने वाले लेखक आदित्य लोला ने कहा कि कुछ राज्यों ने विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा नियोजन को बढ़ावा देने, कृषि जरूरतों के लिए सौर पंपों को बढ़ावा देने और अपनी बिजली प्रणालियों में अधिक नवीकरणीय ऊर्जा जोड़ने के लिए भंडारण समाधान बढ़ाने जैसे प्रगतिशील कदम उठाए हैं।