Jefferies: रेयर अर्थ मैटेरियल्स पर अमेरिका और चीन के बीच क्यों छिड़ी रार; जेफरीज ने बताया, क्या हैं इसके मायने
Jefferies: रेयर अर्थ मैटेरियल पर पर चीन और अमेरिका आमने-सामने है। चीन के हालिया प्रतिबंधों को उन्नत सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी पर अमेरिका की ओर से लगाए गए नियंत्रण की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। चीन और अमेरिका के बीच छिड़ी इस रार के क्या मायने हैं, जेफरीज की एक रिपोर्ट में इस बारे में बताया गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
रेयर अर्थ मैटेरियल पर चीन के हालिया प्रतिबंधों को उन्नत सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी पर अमेरिका की ओर से लगाए गए नियंत्रण की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार चीन कड़ा रुख इसलिए अपना रहा है क्योंकि वह उन्नत अमेरिकी सेमीकंडक्टर्स तक पहुंच चाहता है, जो उसकी अर्थव्यवस्था को और उन्नत बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। जेफरीज ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है।
रिपोर्ट में कहा गया, "अमेरिका को चीन के रेयर अर्थ मैटेरियल्स की भी उतनी ही आवश्यकता है, जितनी चीन को अमेरिकी उन्नत सेमीकंडक्टर्स तक पहुंच की आवश्यकता है।" जेफरीज के अनुसार रेयर अर्थ मैटेरियल्स कई उच्च तकनीक वाले उपकरणों और रक्षा उपकरणों के उत्पादन के लिए बहुत जरूरी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग प्रौद्योगिकी उत्पादों के निर्यात पर अमेरिकी प्रतिबंधों को आर्थिक हमले के रूप में देख रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह चीन को अपने तकनीकी क्षेत्र को आगे बढ़ाने से रोकता है।
जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा है?
जेफरीज सेमीकंडक्टर निर्यात पर प्रतिबंध अमेरिका के अपने राष्ट्रीय हितों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इस प्रतिबंध ने अमेरिकी टेक कंपनियों को उनके सबसे बड़े ग्राहकों में से एक चीन से अलग कर दिया है। इसके अलावा, इन प्रतिबंधों ने चीन को अपनी स्वयं की सेमीकंडक्टर तकनीकों को विकसित करने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए प्रेरित किया है। इससे से भविष्य में अमेरिकी फर्मों पर उसकी निर्भरता कम हो जाएगी। ऐसे में रेयर अर्थ मैटेरियल्स पर नियंत्रण को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिष्ठान के लिए एक चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है क्योंकि संभवतः अमेरिका का चीन पर अब उतना प्रभाव नहीं रह गया है।
साथ ही, चीन ने हाल ही में जिनेवा में हुई चर्चा के दौरान रेयर अर्थ मैटेरियल्स के बारे में कोई विशेष वादा करे से इनकार कर दिया है। जेफरीज ने यह भी बताया कि चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यात नियंत्रण का बचाव करते हुए कहा कि "दोहरे उपयोग वाले सैन्य और नागरिक विशेषताओं वाली वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण लागू करना एक सामान्य वैश्विक कदम है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि वाशिंगटन के लिए ऐसा सोचना बेमानी है कि चीन रेयर अर्थ मैटेरिल्स के निर्यात पर छूट देगा। ऐसा तब तक संभव नजीं है जब क अमेरिका भी अपने तकनीक से जुड़े कुछ निर्यातों पर प्रतिबंध नहीं हटाता है।
क्या हैं रेयर अर्थ मैटेरियल्स? इसके उत्पादन व निर्यात पर चीन का दबदबा क्यों?
रेयर अर्थ मैटेरियल्स, या दुर्लभ पृथ्वी तत्व, 17 विशिष्ट धातुओं के समूह को कहते हैं जिनका उपयोग विभिन्न उच्च-प्रौद्योगिकी उत्पादों में किया जाता है। इन उत्पादों में इलेक्ट्रिक वाहन, पवन टरबाइन, स्मार्टफोन और उन्नत सैन्य उपकरण शामिल है। 17 धातुओं में नियोडीमियम, डिस्प्रोसियम, टेरबियम और सेरियम जैसी धातुएं शामिल हैं।
चीन का रेयर अर्थ मैटेरियल्स के उत्पादन और निर्यात पर दबदबा है। इसका कारण यह है कि चीन के पास दुनिया के सबसे बड़े रेयर अर्थ तत्वों के भंडार हैं। चीन दुनिया में उत्पादित रेयर अर्थ तत्वों का लगभग 60% उत्पादन करता है और वैश्विक स्तर पर रेयर अर्थ मैग्नेट्स की 90% से अधिक रिफाइनिंग क्षमता पर नियंत्रण रखता है। चीन ने हाल ही में कुछ रेयर अर्थ तत्वों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति शृंखला प्रभावित हो रही है।