ITR Return: ऑनलाइन आईटीआर फॉर्म-2 दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू, 15 सितंबर है आखिरी तारीख
आयकर विभाग ने 18 जुलाई, 2025 को ITR-2 फॉर्म ऑनलाइन दाखिल करना शुरू कर दिया।वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए आईटीआर दाखिल करने की विस्तारित समय सीमा 15 सितंबर, 2025 है। इससे पहले केवल आईटीआर -1 और आईटीआर-4 (ऑनलाइन और एक्सेल यूटिलिटी दोनों) जारी किए गए थे। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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आयकर विभाग ने 18 जुलाई, 2025 को ITR-2 फॉर्म ऑनलाइन दाखिल करना शुरू कर दिया । इसका मतलब है कि सभी करदाता , जिनमें वेतनभोगी व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनके पास कर योग्य पूंजीगत लाभ , क्रिप्टो आय, आदि हैं, आज से ई-फाइलिंग ITR पोर्टल के माध्यम से अपना आयकर रिटर्न (ITR) ऑनलाइन दाखिल करना शुरू कर सकते हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए आईटीआर दाखिल करने की विस्तारित समय सीमा 15 सितंबर, 2025 है। इससे पहले केवल आईटीआर -1 और आईटीआर-4 (ऑनलाइन और एक्सेल यूटिलिटी दोनों) जारी किए गए थे। इससे सीमित करदाताओं को ही अपना आईटीआर दाखिल करने में मदद मिली थी। हालांकि, आईटीआर-3 फॉर्म के लिए, अब भी केवल एक्सेल यूटिलिटी ही सक्षम है, ऑनलाइन यूटिलिटी अभी सक्षम नहीं है।
आयकर विभाग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा: "करदाताओं कृपया ध्यान दें! आईटीआर-2 आयकर रिटर्न फॉर्म अब ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहले से भरे गए डेटा के साथ ऑनलाइन मोड के माध्यम से दाखिल करने के लिए सक्षम है। देखें: https://incometax.gov.in/iec/foportal/"
कर निर्धारण वर्ष 2025-26 के लिए किसे ITR-2 दाखिल करना होगा?
आईटीआर-2 उन व्यक्तियों या एचयूएफ (हिंदू अविभाजित परिवार) के लिए है जिनकी आय में वेतन या पेंशन से आय गृह संपत्ति से आय (एक या अधिक) अन्य स्रोतों से आय, जिसमें लॉटरी जीतने से आय, घुड़दौड़ के स्वामित्व और रखरखाव से आय, या विशेष दरों पर कर योग्य आय आदि शामिल है।
ऐसे व्यक्ति जिन्होंने पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान किसी भी समय गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों में निवेश किया हो। वह व्यक्ति जो किसी कंपनी में निदेशक है। एक व्यक्ति जो निवासी (आरओआर/आरएनओआर) या अनिवासी है। किसी को यदि पूंजीगत लाभ से अर्जित आय विदेशी परिसंपत्तियों/अन्य विदेशी आय से आय हुई हो।
इसके अलावे, ऐसे लोगों जिन्हें 5,000 रुपये से अधिक की कृषि आय आय हुई हो और जहां क्लबिंग प्रावधान लागू होते हैं। उन्हें यह फॉर्म भरना होता है। भारत के बाहर स्थित परिसंपत्तियों में वित्तीय हित रखने वाले व्यक्ति, जिसमें भारत के बाहर रखे गए खातों के लिए हस्ताक्षर करने का प्राधिकार शामिल है, को भी यह फॉर्म दाखिल करना होता है। वह व्यक्ति जो गृह संपत्ति से आय के अंतर्गत हानि को आगे ले जाना या आगे लाना चाहता या धारा 194एन के तहत कोई कर काटा गया है, उन्हें भी यह फॉर्म भरना होता है।