अब देख सकेंगे कैसे पक रहा है रेलवे का खाना, IRCTC जल्द शुरू करने जा रही है सेवा
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ऐप के बाद होगी लाइव प्रसारण की शुरुआत
खाना बुक करने के लिए ऐप लांच करने के बाद रेलवे जल्द ही मुख्य रसोईघर से सीधे प्रसारण की शुरुआत करने जा रहा है। इसके लिए जल्द ही इसकी घोषणा होगी। देश भर में आईआरसीटीसी के 200 मुख्य रसोईघर हैं, जहां यात्रियों के लिए खाना तैयार किया जाता है।
सीसीटीवी कैमरे
फिलहाल आईआरसीटीसी के 16 मुख्य रसोईघरों में सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं। इन सभी बेस किचन से रेलवे को लाइव फीड भी मिल रही है। जहां सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं उनमें दिल्ली (नोएडा), मुंबई, भुवनेश्वर, झांसी आदि शामिल हैं। रेलवे रोजाना 12 लाख खाने को तैयार कराता है, जिसमें से 10 लाख केवल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को परोसा जाता है।
खाना बनाने वालों पर रखी जा सकेगी नजर
इस प्रणाली की मदद से दो फायदे होंगे। पहला रेल यात्रियों को विमान जैसा खाना मिलेगा और दूसरा, खाना बनाने वाले पर सीधे नजर रखी जा सकेगी। जिन ट्रेनों में रसोई यान है, उनकी हालत में भी रेलवे सुधार करेगा। इसके लिए रसोई यान में खाना बनाने के लिए अलग से भंडारण की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके साथ ही बर्तन धोने के लिए जगह बनाने पर विचार चल रहा है।
शौचालय के पास नहीं रखा जाएगा खाने-पीने का सामान
अभी तक कई ट्रेनों में खाने-पीने का सामान शौचालय के पास रखा जाता है, जिसके बाद इसकी आपूर्ति यात्रियों को की जाती है। ऐसे में खाने का सामान दूषित होने के आसार काफी बढ़ जाता है और यात्री बीमार भी पड़ सकते हैं।
हाई डेफिनेशन कैमरे का होगा इस्तेमाल
हाई डेफिनेशन कैमरे से अब ट्रेन में परोसे जाने वाले खाने की सामग्री पर नजर रखी जाएगी। सफाई सुनिश्चित करने के लिए रेलवे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेगा। इस तकनीक से ट्रेनों में खाना परोसने वाली भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) सफाई का ध्यान रखने के अलावा खाना बनाने की तकनीक में भी बदलाव करेगा।
खाना पैक करने के लिए भी बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। यह कैमरे बड़ी-बड़ी स्क्रीन से जुड़े हुए हैं। यह सिस्टम इतना बारीक है कि खाने के सामान को दूषित करने वाले चूहों और कॉकरोच को भी ट्रैक करने में सक्षम है।
इतना ही नहीं अगर खाना बनाने वाले के हाथ में गंदगी है तो इसे भी आसानी से कैमरे में कैद कर लेगा। इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सहारे खाने पीने के सामान में होने वाली किसी भी गड़बड़ी की जानकारी सीधे आईआरसीटीसी के प्रबंध निदेशक को मिल जाएगी।