{"_id":"680585566229afd0a9052856","slug":"investment-mantra-make-money-and-win-the-trust-of-investors-2025-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Investment : पैसा बनाने के साथ निवेशकों का भरोसा भी जीतें; गिरावट के दौर में निवेश का अधिक मौका देता है बाजार","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Investment : पैसा बनाने के साथ निवेशकों का भरोसा भी जीतें; गिरावट के दौर में निवेश का अधिक मौका देता है बाजार
Mon, 21 Apr 2025 05:08 AM IST
शिव शुक्ला
निलेश शाह और आशीष सोमैया
निलेश शाह और आशीष सोमैया
Published by: शिव शुक्ला
Updated Mon, 21 Apr 2025 05:08 AM IST
सार
निवेशक भरोसे के साथ अपना पैसा निवेश करते हैं। इस भरोसे को बनाए रखना तब और महत्वपूर्ण हो जाता है, जब उनके निवेश पर वैश्विक चुनौतियों का असर पड़ रहा हो। लखनऊ में आयोजित अमर उजाला संवाद के मंच पर निवेश जगत के दिग्गजों ने बताया, पैसा बनाने के साथ निवेशकों का भरोसा जीतना भी जरूरी है।
विज्ञापन
निवेश investment new
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
निवेशकों का मन समझना एक यात्रा है। बहुत समय तक मुझे लगा था कि मैं म्यूचुअल फंड उद्योग में लोगों के फंड प्रबंधन के लिए आया हूं। कुछ समय बाद समझ में आया कि मैं पैसों से ज्यादा लोगों का भरोसा मैनेज करने के लिए आया हूं। भरोसा कमाने में जिंदगी निकल जाती है और गंवाने के लिए एक क्षण काफी है। कई बार हम लोगों का नुकसान करते हैं। लोगों का पैसा चला जाता है। जब तक उनका भरोसा हम पर है, वे पैसा हमारे पास रखते हैं। यह भरोसे का उद्योग है। हमें अपने चाल-चलन से निवेशकों को यह विश्वास दिलाना पड़ेगा कि हम उनके भरोसे का पूरी तरह जतन करेंगे।
फंड मैनेजर का काम है पैसा बनाना
एक फंड मैनेजर के तौर पर हमारा काम होता है पैसा बनाना। अगर पैसा वैल्यू चुनकर बनता है, तो वैल्यू चुनना चाहिए। अगर ग्रोथ चुनने पर बने तो हमें ग्रोथ चुनना चाहिए। सौरव गांगुली बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। वह ऑफ साइड पर मजबूत थे। ऑन साइड पर उतना अच्छा नहीं खेलते थे। लेकिन, अगर वह ऑन साइड पर खेलते ही नहीं, तो उनका करियर इतना लंबा नहीं चलता। उन्होंने ऑन साइड के लिए खुद को तैयार किया। हम फंड मैनेजर्स की भी इस तरह की पहचान बन जाती है। जो वैल्यू इन्वेस्टर हैं, वे वैल्यू में अच्छा काम कर पाएंगे। फंड मैनेजर के तौर पर हमें किसी भी बंधन में खुद को नहीं जकड़ना चाहिए। जब वैल्यू चले तो वैल्यू लेना चाहिए और जब ग्रोथ चले तो ग्रोथ लेना चाहिए।
गिरावट के दौर में निवेश का अधिक मौका देता है बाजार
बाजार में जब भी गिरावट आती है, तो इसका फायदा मिलने की उम्मीद होती है। अभी बाजार में दो दिग्गज भिड़े हुए हैं, जिनकी लड़ाई का फायदा मिलेगा। इस गिरावट के बावजूद हमारे बाजार का रुझान सुधरेगा। यानी विदेशी संस्थागत निवेशक वापस आएंगे। बाजार फिर उठेगा। हमें गिरावट का लाभ उठाना चाहिए। उसी अनुसार रणनीति बनानी चाहिए। लोग तब पैसा लगाते हैं, जब बहुत विश्वास महसूस करते हैं। आपके वर्तमान विश्वास का भविष्य के रिटर्न से कोई लेना देना नहीं है। गिरे बाजार में निवेश का अधिक मौका मिलता है।
तेजी में निवेश गलत तरीका
निवेशक तेजी के दौर में बाजार में निवेश करते हैं, जो बड़ी गलती है। थोड़े दिन पहले निफ्टी 26,000 पर था, तब लोग पैसे लगा रहे थे। निफ्टी जब 22,000 पर आया तो लोग एसआईपी रोकने लगे। यह सही तरीका नहीं है। फंड मैनेजरों के सामने बड़ी चुनौती निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने की है। कठिन समय में आप लोगों के सामने खड़े हों, यही काम आता है। नंबरबाजी काम नहीं आती है।
विज्ञापन
फंड मैनेजर का काम है पैसा बनाना
एक फंड मैनेजर के तौर पर हमारा काम होता है पैसा बनाना। अगर पैसा वैल्यू चुनकर बनता है, तो वैल्यू चुनना चाहिए। अगर ग्रोथ चुनने पर बने तो हमें ग्रोथ चुनना चाहिए। सौरव गांगुली बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। वह ऑफ साइड पर मजबूत थे। ऑन साइड पर उतना अच्छा नहीं खेलते थे। लेकिन, अगर वह ऑन साइड पर खेलते ही नहीं, तो उनका करियर इतना लंबा नहीं चलता। उन्होंने ऑन साइड के लिए खुद को तैयार किया। हम फंड मैनेजर्स की भी इस तरह की पहचान बन जाती है। जो वैल्यू इन्वेस्टर हैं, वे वैल्यू में अच्छा काम कर पाएंगे। फंड मैनेजर के तौर पर हमें किसी भी बंधन में खुद को नहीं जकड़ना चाहिए। जब वैल्यू चले तो वैल्यू लेना चाहिए और जब ग्रोथ चले तो ग्रोथ लेना चाहिए।
विज्ञापन
- बढ़े वैश्विक मांग के बीच दिल्ली में पिछले हफ्ते सोना 70 रुपये बढ़कर 98,170 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया। सोने में निवेश 100 फीसदी करना चाहिए।
- दुनियाभर के केंद्रीय बैंक भारतीय गृहिणियों की तरह बन गए हैं। वे सोना खरीदते हैं, पर बेचते नहीं है। दुनिया में इतना सोना नहीं है कि केंद्रीय बैंक और भारतीय गृहिणियों दोनों की जरूरत पूरी हो सके। इसलिए, सोना लगातार चढ़ रहा है।
- भारी तेजी के बाद थोड़ी गिरावट भी जरूर आएगी। लेकिन, केंद्रीय बैंक जब तक सोने में निवेश कर रहे हैं, तब तक खरीदना उचित होगा।
विज्ञापन
गिरावट के दौर में निवेश का अधिक मौका देता है बाजार
बाजार में जब भी गिरावट आती है, तो इसका फायदा मिलने की उम्मीद होती है। अभी बाजार में दो दिग्गज भिड़े हुए हैं, जिनकी लड़ाई का फायदा मिलेगा। इस गिरावट के बावजूद हमारे बाजार का रुझान सुधरेगा। यानी विदेशी संस्थागत निवेशक वापस आएंगे। बाजार फिर उठेगा। हमें गिरावट का लाभ उठाना चाहिए। उसी अनुसार रणनीति बनानी चाहिए। लोग तब पैसा लगाते हैं, जब बहुत विश्वास महसूस करते हैं। आपके वर्तमान विश्वास का भविष्य के रिटर्न से कोई लेना देना नहीं है। गिरे बाजार में निवेश का अधिक मौका मिलता है।
तेजी में निवेश गलत तरीका
निवेशक तेजी के दौर में बाजार में निवेश करते हैं, जो बड़ी गलती है। थोड़े दिन पहले निफ्टी 26,000 पर था, तब लोग पैसे लगा रहे थे। निफ्टी जब 22,000 पर आया तो लोग एसआईपी रोकने लगे। यह सही तरीका नहीं है। फंड मैनेजरों के सामने बड़ी चुनौती निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने की है। कठिन समय में आप लोगों के सामने खड़े हों, यही काम आता है। नंबरबाजी काम नहीं आती है।