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इस तरह होगा उड़ानों में सीट का आवंटन, DGCA ने दिए निर्देश
Mon, 01 Jun 2020 03:11 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Mon, 01 Jun 2020 03:11 PM IST
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इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली
- फोटो : Delhi International Airport
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भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन कंपनियों को सीट के आवंटन को लेकर कहा है कि जहां तक मुमकिन हो, वो दो यात्रियों के बीच की सीट खाली रखें। वहीं अगर उड़ान में यात्री को बीच की सीट आंवटित की भी जाती है, तो उसे मास्क और फेस शील्ड के अलावा शरीर को कवर करने वाला गाउन देना होगा, ताकि कोरोना वायरस के फैलने का खतरा कम हो।
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संक्रमण के कारण पिछले करीब तीन महीने से कई देशों की उड़ानें बंद थी लेकिन अब धीरे-धीरे उड़ानों को शुरू किया जा रहा है। भारत में भी राष्ट्रीय विमानों की उड़ान को हरी झंडी दे दी गई है। संक्रमण के कारण पूरी दुनिया की करीब 80 फीसदी उड़ानें बंद हो गई थीं। कई विमानन कंपनियों ने अपनी सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी थी, तो कईयों ने कार्गो सेवाओं की ओर अपना रुख किया।
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हवाई यात्रा को लेकर राज्य और केंद्र सरकार की ओर से कुछ दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं। यात्रा के बाद यात्रियों को होम आइसोलेशन और क्वारंटीन किया जा रहा है। मालूम हो कि भारत में हवाई यात्रा कर रहे सभी यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग करना जरूरी है, यात्रियों को अपने साथ ले जा रहे बैग की संख्या कम करनी होगी, वेब चेक-इन की सुविधा होगी और मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा आरोग्य सेतु एप को फोन में डाउनलोड करना लाभदायक बताया गया है।
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भारत में सभी यात्रियों को फेस शील्ड, सैनिटाइजर और मास्क दिए जाएंगे और इसके अलावा यात्रियों को कम से कम शौचालय के इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई है।
साल 2018 में अटलांटा की एमोरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन किया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि केबिन क्रू के कारण विमान में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है, क्योंकि वे कई यात्रियों के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में जरूरी है कि यदि किसी केबिन क्रू को थोड़ी-सी भी दिक्कत है तो उसे सेवा से वंचित रहना चाहिए। यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।