फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India service sector grew at the fastest pace in 14 years, PMI reached 62.9 in August

Services PMI: भारत का सेवा क्षेत्र 14 वर्षों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा, अगस्त में PMI 62.9 पर पहुंचा

Wed, 03 Sep 2025 12:06 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Wed, 03 Sep 2025 12:06 PM IST
सार

एचएसबीसी सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स अगस्त में बढ़कर 62.9 पर पहुंच गया। इसमें कहा गया है कि भारत के सेवा क्षेत्र ने 14 वर्षों के बाद से सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है।

विज्ञापन
India service sector grew at the fastest pace in 14 years, PMI reached 62.9 in August
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत के सेवा क्षेत्र ने 14 वर्षों के बाद से सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है। एचएसबीसी सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स अगस्त में बढ़कर 62.9 पर पहुंच गया, जबकि जुलाई में यह 60.5 था। इसमें कहा गया कि यह जून 2010 के बाद का सबसे तेज विस्तार है, जो मांग और कारोबारी गतिविधियों में मजबूत उछाल को दर्शाता है। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: GST Council Meet: जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक शुरू, कर ढांचे में सुधार के लिए बड़े बदलावों पर लग सकती है मुहर

विज्ञापन

नए ऑर्डर और समग्र गतिविधि 15 वर्षों के उच्चतम दर पर पहुंची

सूचकांक में तीव्र वृद्धि दर्शाती है कि अगस्त के दौरान मांग में उल्लेखनीय सुधार से भारतीय सेवा अर्थव्यवस्था को लाभ हुआ। नए ऑर्डर और समग्र गतिविधि, दोनों ही 15 वर्षों में अपनी उच्चतम दर से बढ़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

निर्यात में हुई तेज वृद्धि

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिक्री में भी सुधार देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात में वृद्धि ने सितंबर 2014 से शुरू हुई इस श्रृंखला में तीसरी सबसे तेज बढ़त दर्ज की। कंपनियों ने हाल के महीनों में मजबूत नौकरी सृजन के चलते अपने कार्यबल का विस्तार जारी रखा। हालांकि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त क्षमता उपलब्ध रही। इसके कारण बकाया व्यवसाय में केवल मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि रोजगार में भी हल्की वृद्धि देखी गई।

इनपुट लागत मुद्रास्फीति नौ महीने के उच्चतम स्तर पर

लागत पक्ष पर, कंपनियों ने वेतन वृद्धि और ओवरटाइम भुगतान के कारण अधिक व्यय की सूचना दी। वहीं इनपुट लागत मुद्रास्फीति नौ महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। बढ़ते खर्चों से निपटने के लिए, कंपनियों ने अपने उत्पादन मूल्य बढ़ा दिए। 

उत्पादन शुल्कों में 2012 के बाद सबसे तेज वृद्धि

मांग इतनी मजबूत रही कि वह इन बढ़ोतरी को झेल सकी। इसके परिणामस्वरूप जुलाई 2012 के बाद से उत्पादन शुल्कों में सबसे अधिक वृद्धि हुई। सर्वेक्षण में यह भी कहा गया कि व्यापक निजी क्षेत्र ने मजबूत प्रदर्शन किया।

आउटपुट इंडेक्स बढ़कर 63.2 पर पहुंचा

एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स, जो विनिर्माण और सेवाओं, दोनों पर नजर रखता है, जुलाई के 61.1 से बढ़कर अगस्त में 63.2 हो गया। यह 17 वर्षों से भी ज्यादा समय में विस्तार की सबसे तेज गति को दर्शाता है ।

नए व्यवसायों में हुई बढ़ोतरी

अगस्त के आंकड़ों ने सेवाओं और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों में उत्पादन में व्यापक वृद्धि को दर्शाया। नए व्यवसायों में वृद्धि 2010 के मध्य के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, सेवा क्षेत्र में यह तेजी अधिक स्पष्ट थी। वहीं विनिर्माण उद्योग स्थिर गति से विस्तार करता रहा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दोनों क्षेत्रों में कुल रोजगार में ठोस वृद्धि हुई है, जो जुलाई की तुलना में ज्यादा है। 

भर्ती गतिविधियां बढ़ी

सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने तेजी से भर्ती गतिविधियां दर्ज कीं, जबकि विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों ने स्थिर वृद्धि दर्ज की। कुल मिलाकर, अगस्त के पीएमआई सर्वेक्षणों से पता चला है कि भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ती घरेलू मांग, तेजी से रोजगार सृजन और सेवाओं और विनिर्माण दोनों में अच्छी वृद्धि से मजबूती मिल रही है। 


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed