BIMSTEC: 1990 बैच के आईएफएस अधिकारी इंद्र मणि पांडेय ने बिम्सटेक के महासचिव का कार्यभार संभाला, ये है लक्ष्य
BIMSTEC: बिम्सटेक में भारत के अलावा श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। पांडेय ने ढाका में बिम्सटेक के सचिवालय में इसके चौथे महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला।
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अनुभवी भारतीय राजनयिक इंद्र मणि पांडेय ने गुरुवार को सात सदस्यीय बिम्सटेक के नए महासचिव के रूप में कार्यभार संभाल लिया। भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 1990 बैच के अधिकारी पांडे जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर काम कर रहे थे। बिम्सटेक (BIMSTEC- Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) में भारत के अलावा श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। पांडेय ने ढाका में बिम्सटेक के सचिवालय में इसके चौथे महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने भूटान के तेनजिन लेकफेल की जगह ली। इस प्रतिष्ठित पद पर उनका कार्यकाल तीन साल का होगा।
इससे पहले दिन में ढाका पहुंचने पर पांडेय का बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय में महानिदेशक (सार्क और बिम्सटेक) अब्दुल मोतालेब सर्कर ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बिम्सटेक सचिवालय के अधिकारियों को संबोधित करते हुए पांडे ने सहयोग बढ़ाने और उसे गहरा करने में समूह के सदस्य देशों के बड़े दृष्टिकोण को हकीकत में बदलने के लिए नए उत्साह के साथ काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए बिम्सटेक के सदस्य देशों को धन्यवाद दिया और उनके निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन की मांग की।
भारत बिम्सटेक को क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में एक जीवंत मंच बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रहा है क्योंकि सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) के तहत यह पहल कई कारणों से आगे नहीं बढ़ रही थी। अपने तीन दशक से अधिक लंबे राजनयिक करियर में, पांडेय ने विदेश मंत्रालय (एमईए) में निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रभाग के प्रभारी अतिरिक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया। वे ओमान सल्तनत में भारत के राजदूत, फ्रांस में भारत के उप राजदूत, चीन के गुआंगझौ में भारत के महावाणिज्य दूत भी रहे हैं। पांडेय ने काहिरा, दमिश्क, इस्लामाबाद और काबुल में भारतीय मिशनों में विभिन्न पदों पर भी काम किया है।