रिलायंस जियो: मेगा आईपीओ के एलान के बीच आकाश अंबानी बोले- 'दुनिया में सबसे सस्ता डेटा मुहैया करा रहे'
रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा आईपीओ के ऐलान के दौरान आरजीआईएल अध्यक्ष आकाश अंबानी ने कहा कि कंपनी भारत को अग्रणी डिजिटल समाज बनाने में सक्षम भागीदार है। जानिए जियो की डेटा खपत, दुनिया में सबसे कम प्रति जीबी दर और मुंबई में हुए इस बड़े ऐलान के प्रमुख बिंदु। पूरी खबर पढ़ें!
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार में एक नया बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने अपनी डिजिटल और दूरसंचार शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स के ऐतिहासिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का एलान किया है। यह आईपीओ 21 अक्तूबर से 23 अक्तूबर 2026 तक सदस्यता के लिए खुलेगा। यह भारतीय शेयर बाजार का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम होगा, जिससे कंपनी 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
मुंबई में रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित मेगा आईपीओ के औपचारिक ऐलान के दौरान रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (आरजेआईएल) के चेयरमैन आकाश अंबानी ने भारत के डिजिटल भविष्य को लेकर कंपनी का दृष्टिकोण साझा किया।
कंपनी 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी कर रही है। इस मेगा आईपीओ से आरआईएल बाजार पूंजीकरण के हिसाब से देश का सबसे बड़ा समूह बन जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद यह स्थिति और मजबूत होगी। उद्योग जगत के दिग्गज उदय कोटक ने इसे एक ऐतिहासिक पल बताया है। उन्होंने कहा कि जियो ने भारत में मोबाइल कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव किया है। यह करोड़ों भारतीयों के जीवन से गहराई से जुड़ा है। कोटक ने इसे कई वर्षों के दृष्टिकोण और कड़ी मेहनत का परिणाम बताया। इससे निवेशकों के लिए बहुत बड़ा मूल्य सृजन होगा।
जियो का मुख्य लक्ष्य क्या है?
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने जियो का मुख्य लक्ष्य बताया। उनका मिशन हर भारतीय घर को किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाला इंटरनेट उपलब्ध कराना है। उन्होंने गर्व से कहा कि जियो चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा 5G ग्राहक आधार रखता है। लॉन्च के 10 साल के भीतर जियो नंबर एक बन गया है। गूगल जेमिनी के साथ मिलकर इसने 30 करोड़ ग्राहक जोड़े हैं। भारत के कुल डेटा आवागमन में जियो की हिस्सेदारी 60 फीसदी है।
कार्यक्रम के दौरान आकाश अंबानी ने कहा, "...आज, पिछले 10 वर्षों के भीतर ही 53 करोड़ भारतीयों ने हमें अपने डिजिटल कनेक्टिविटी पार्टनर के रूप में चुना है। इस वर्ष 6 सितंबर को हमने कंपनी के रूप में 10 वर्ष पूरे किए। इस यात्रा के परिणामस्वरूप 10 वर्षों में हमारा एबिटा 76,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है... हमारे एबिटा और एबिटा वृद्धि का आधार भारत के 60 प्रतिशत डिजिटल ट्रैफिक को संचालित करने में हमारी भूमिका रही है। आज, जियो भारत के 60 प्रतिशत से अधिक डेटा ट्रैफिक को संभालता है। हमने अपना 5G रोलआउट मात्र तीन साल पहले शुरू किया था, और आज हम चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा 5G नेटवर्क हैं। हमने 4G से 5G में सबसे तेज़ परिवर्तन भी हासिल किया है।"
जियो ने भारत में क्या बदलाव लाए हैं?
आकाश अंबानी ने कहा कि रिलायंस ने जियो की शुरुआत भारत को डेटा की कमी वाले राष्ट्र से डेटा-संपन्न राष्ट्र में बदलने के लिए की थी। जियो का बुनियादी ढांचा इतना मजबूत है कि प्रतिस्पर्धियों के लिए इसे दोहराना मुश्किल है। पिछले साल जियो ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी की तुलना में 3 गुना अधिक सक्रिय ग्राहक जोड़े। इनमें से 40 फीसदी नए ग्राहक टियर-1 और टियर-2 शहरों से बाहर के हैं। जियो अब केवल ब्रॉडबैंड बाजार में ही नहीं, बल्कि पूरे डिजिटल सेवा बाजार पर अपनी पैठ मजबूत कर रहा है। कंपनी ने 3 साल पहले ही 5G का प्रारंभ कर दिया था।
उन्होंने कहा कि जियो का मुख्य लक्ष्य भारत को दुनिया का एक अग्रणी डिजिटल समाज बनाना है और जियो प्लेटफॉर्म्स इस सपने को साकार करने में एक सक्षम भागीदार के रूप में कार्य कर रहा है। मुंबई में आयोजित इस विशेष आईपीओ घोषणा कार्यक्रम में उद्योग और वित्तीय जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की।
रिलायंस की वित्तीय स्थिति कैसी है?
जियो का FY24-FY26 के दौरान ईबीआईटीडीए चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 17.8 फीसदी रहा है। Q1 FY27 में ईबीआईटीडीए मार्जिन 53.3 फीसदी दर्ज किया गया। जियो के कुल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 53 करोड़ हो गई है। कंपनी का लक्ष्य हर नागरिक को डिजिटल सेवा से जोड़ना है। रिलायंस की बोर्ड सदस्य ईशा अंबानी ने कहा कि RIL ने समय से पहले अपना कर्ज पूरी तरह खत्म कर लिया है। 1977 से लेकर अब तक रिलायंस ने अपने शेयरधारकों को लगातार 29 फीसदी का शानदार प्रतिफल दिया है।
जियो आईपीओ के एलान के दौरान कौन-कौन दिग्गज मौजूद रहे?
देश की सबसे बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों में से एक के इस मेगा आईपीओ से जुड़ी घोषणा के समय व्यापार जगत की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं।
- आकाश अंबानी: चेयरमैन, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड।
- अनंत अंबानी: एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, रिलायंस इंडस्ट्रीज एवं संस्थापक, 'वंतारा' ।
- ईशा अंबानी: रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- उदय कोटक: चेयरपर्सन, कोटक सिक्योरिटीज।
इसके अलावा वित्तीय और कॉर्पोरेट क्षेत्र के अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि भी इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपस्थित रहे।