झटका: इंडिया रेटिंग्स ने घटाया GDP का अनुमान, कहा- 2021 तक पूरा नहीं हो पाएगा वैक्सीन लगाने का लक्ष्य
इंडिया रेटिंग्स ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2021-22 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 9.4 फीसदी रह सकती है।
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इंडिया रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का पूर्वानुमान 9.6 फीसदी से घटाकर 9.4 फीसदी कर दिया है। इस संदर्भ में रेटिंग एजेंसी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के बाद मजबूत रिकवरी हुई है। लेकिन देश की पूरी जनसंख्या को वर्ष के अंत तक वैक्सीन लगाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा।
अनुमान के अनुसार, पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 15.3 फीसदी रह सकती है, दूसरी तिमाही में 8.3 फीसदी, तीसरीतिमाही में 7.8 फीसदी और चौथी तिमाही में एजेंसी ने 7.8 फीसदी वृद्धि दर का अनुमान जताया है।
India Ratings revise FY22 real GDP growth projection to 9.4%, projects quarterly GDP growth of 15.3% in Q1, 8.3% in Q2, 7.8% in Q3 and 7.8% in Q4
— ANI (@ANI) August 19, 2021
पहले जताया था 9.6 फीसदी वृद्धि दर का अनुमान
अपने पिछले पूर्वानुमान में एजेंसी ने कहा था कि अर्थव्यवस्था की रिकवरी की रफ्तार टीकाकरण पर निर्भर करेगी और अगर देश में दिसंबर के अंत तक पूरी व्यस्क जनसंख्या को टीका लग जाता है, तो 2021-22 में जीडीपी की वृद्धि दर 9.6 फीसदी तक पहुंच सकती है। वरना यह 9.1 फीसदी रहेगी।'
आरबीआई ने जताया 9.5 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान
इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए RBI द्वारा अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 9.5 फीसदी है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 21.4 फीसदी होगी, दूसरी तिमाही में 7.3 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.3 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.1 फीसदी। शक्तिकांत दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में देश की वास्तविक जीडीपी 17.2 फीसदी रह सकती है।
रेटिंग एजेंसी इकरा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी में 20 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। लेकिन इस वृद्धि के बावजूद यह कोविड-19 से पहले के स्तर की तुलना में काफी कम रहेगी।