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आर्थिक आंकड़े: मई में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में गिरावट, 50.8 अंक पर रहा PMI
Tue, 01 Jun 2021 01:24 PM IST
डिंपल अलावाधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Tue, 01 Jun 2021 01:24 PM IST
सार
मई 2021 में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में गिरावट देखने को मिली। मई में पीएमआई गिरकर 50.8 पर आ गया।
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विनिर्माण क्षेत्र
- फोटो : pixabay
विस्तार
कोविड-19 महामारी के भीषण प्रकोप और मांग पर इसके प्रभाव के चलते भारत में मई 2021 के दौरान विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में गिरावट देखने को मिली। आईएचएस मार्किट इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) मई में गिरकर 50.8 पर आ गया, जो अप्रैल में 55.5 पर था।
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10 महीनों में सबसे कम रहा उत्पादन
इस दौरान कंपनियों के पास नया काम और उत्पादन पिछले 10 महीनों में सबसे कम था। यदि पीएमआई 50 से ऊपर है, तो इसका अर्थ है कि गतिविधियों में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि 50 से कम अंक संकुचन को दर्शाते हैं।
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विनिर्माण क्षेत्र में तनाव बढ़ने के संकेत
इस संदर्भ में आईएचएस मार्किट में अर्थशास्त्र के एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि, 'भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में तनाव बढ़ने के संकेत हैं, क्योंकि कोविड-19 संकट तेज हो गया है। मौजूदा बिक्री, उत्पादन और कच्चे माल की खरीद मई में काफी कमजोर हो गई और ये पिछले 10 महीनों में सबसे धीमी गति से वृद्धि की ओर इशारा कर रहा है। वास्तव में, सभी सूचकांक अप्रैल से नीचे थे।'
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हालांकि, लीमा ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र में हानिकारक प्रभाव पिछले साल की तुलना में काफी कम गंभीर हैं।
अनुमान से कम आईजीडीपी में गिरावट
मालूम हो कि भारत सरकार ने सोमवार को जीडीपी के आंकड़े जारी किए। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.3 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। वहीं पिछले साल (2019-20) में यह चार फीसदी रही थी। जबकि चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में जीडीपी ग्रोथ रेट 1.6 फीसदी दर्ज की गई। वहीं खुद केंद्र सरकार ने इस साल फरवरी में पूरे वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान जीडीपी में आठ फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया था लेकिन जीडीपी में गिरावट अनुमान से कम आई है। चौथी तिमाही में विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र के दमदार प्रदर्शन से विकास दर 1.6 फीसदी पहुंच गई और अर्थव्यवस्था में गिरावट भी अनुमान से कम दिखी।