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भारत बना दुनिया का भरोसेमंद निवेश ठिकाना: सेबी प्रमुख का दावा- वैश्विक अनिश्चितताओं में भी पूंजी बाजार मजबूत
Sat, 18 Apr 2026 06:06 AM IST
Shubham Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shubham Kumar
Updated Sat, 18 Apr 2026 06:06 AM IST
सार
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत का पूंजी बाजार स्थिर और भरोसेमंद निवेश गंतव्य बनकर उभर रहा है। सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने बताया कि भारत का बाजार पूंजीकरण 4.4 लाख करोड़ डॉलर पहुंचा। 2025-26 में इक्विटी और ऋण बाजार से 154 अरब डॉलर जुटे। तकनीक, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश से भरोसा और बढ़ा है।
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निवेश
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के पूंजी बाजार को स्थिर तथा भरोसेमंद निवेश के रूप में देखा जा रहा है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर एक स्थिर पूंजी केंद्र के रूप में उभर रहा है।
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देश का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 4.4 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। तकनीक, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे विविध क्षेत्रों में निवेश के अवसरों ने इस धारणा को और मजबूत किया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने इक्विटी और ऋण बाजारों के जरिए कुल 154 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई है।
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क्या कहते हैं आरबीआई के आंकड़ें
वर्ष 2025 में भारत प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की संख्या के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर, जबकि जुटाई गई पूंजी के मामले में तीसरे स्थान पर रहा। आरबीआई के मुताबिक, 2025-26 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जो बाजार की मजबूती को और पुख्ता करता है। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की परिसंपत्तियां करीब 780 अरब डॉलर तक पहुंच गई हैं। कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार का आकार भी बढ़कर करीब 650 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।
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