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Energy: 'जीवाश्म ईंधन का अचानक से इस्तेमाल बंद करना संभव नहीं', मंत्री बोले- यह प्राथमिकता के आधार पर ही संभव
Tue, 11 Feb 2025 02:39 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 11 Feb 2025 02:39 PM IST
सार
Energy Transition: भारत ऊर्जा सप्ताह के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए, तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन के तहत किसी भी ईंधन का इस्तेमाल अचानक से पूरी तरह से बंद करना संभव नहीं है। इसे प्राथमिकता के आधार पर ही किया जा सकता है। मंत्री ने क्या कहा है आइए जानें।
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हरदीप पुरी
- फोटो : PTI
विस्तार
भारत ने मंगलवार को 'ऊर्जा परिवर्तन' पर सूक्ष्म वैश्विक समझ की बात करते हुए कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले जीवाश्म ईंधन से स्वच्छ स्रोतों की ओर बदलाव का कदम तब ही उठाया जाना चाहिए, जब विकासशील देशों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो।
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भारत ऊर्जा सप्ताह के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए, तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन के तहत किसी भी ईंधन का इस्तेमाल अचानक से पूरी तरह से बंद करना संभव नहीं है। इसे प्राथमिकता के आधार पर ही किया जा सकता है।
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भारत जैसे विकासशील देश अपनी ऊर्जा की अधिकांश मांग कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधन से पूरी करते हैं। दूसरी ओर, प्रदूषणकारी स्रोतों से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर जाने का आह्वान किया जा रहा है। भारत का मानना है कि यह कदम अचानक नहीं उठाया जा सकता है। उन्होंने साफ किया कि स्वच्छ स्रोतों की ओर बढ़ने की प्रक्रिया के दौरान तेल और गैस के साथ-साथ कोयला भी ऊर्जा की मांग को पूरा करना जारी रखेगा।
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उन्होंने कहा, "ऊर्जा परिवर्तन की अवधारणा सही ढंग से समझने की जरूरत है। आप रातोंरात किसी ऊर्जा स्रोत को दूसरे नहीं बदल सकते, इसे प्राथमिकता के आधार पर किया जा सकता है। परिवर्तन का मतलब रातों-रात हाइड्रोकार्बन को खत्म करना नहीं है, बल्कि उत्सर्जन को कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ाते हुए रणनीतिक रूप से उनका लाभ उठाना है।"