Ind-Aus ECTA: भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार समझौता जल्द, पीयूष गोयल ने बताया देश को होगा ये फायदा
Ind-Aus ECTA: दो अप्रैल 2022 को एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की मौजूदगी में पीयूष गोयल और डेन तेहान ने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (Ind-Aus ECTA) पर हस्ताक्षर किए थे। अब इस समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है।
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया के वाणिज्य मंत्री डैन तेहान इस महीने भारत की यात्रा पर होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक सहभागिता और व्यापार समझौता (ECTA) जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा।
गोयल ने कहा कि डेन तेहान इस महीने में भारत की यात्रा पर होंगे, पूर्व में भी उनसे कई बार चर्चा हुई है। उन्होंने डब्ल्यूटीओ की बैठक के दौरान हमें आश्वस्त किया है कि वे ऑस्ट्रेलियाई पक्ष की दलीलों और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (ECTA) के परिणामों से संतुष्ट हैं और इसे जल्द ही संसद में पेश करने वाले हैं। अमेरिका दौरे पर गए केंद्रीय मंत्री ने सेंन फ्रांसिस्को में ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार और आर्थिक सहभागिता के एक सवाल के जवाब में कहा कि मुझे बताया गया है कि ऑस्ट्रेलिया की ओर से संभावित टाइमलाइन इस वर्ष के अंत तक रखी गई है।
अप्रैल महीने में आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते पर किया गया था हस्ताक्षर
बता दें कि दो अप्रैल 2022 को एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की मौजूदगी में पीयूष गोयल और डेन तेहान ने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (Ind-Aus ECTA) पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत भारत से निर्यात होने वाले 96 प्रतिशत उत्पादों को जीरो ड्यूटी एक्सेस मुहैया कराने की बात कही गई है। इसके अंतर्गत इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स और ज्वेलरी, टेक्सटाइल, वस्त्र और चमड़ा जैसी चीजें आएंगी।
पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच 45 से 50 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होने की उम्मीद
इस समझौते के प्रभाव में आने के बाद दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार आने वााले पांच वर्षां में 45 से 50 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है। फिलहाल यह 27 बिलियन डॉलर है। इस समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया के भी 85 प्रतिशत निर्यात की वस्तुओं को भारतीय बाजार में ड्यूटी फ्री एक्सेज दिया जाएगा। इन वस्तुओं में भेड़ का मीट व ऊन शामिल हैं। इसके अलावे ऑस्ट्रेलियाई शराब, बादाम, दालों और कुछ विशेष फलों पर भी भारत की ओर से कम ड्यूटी लगाने की बात कही गई है।
भारत से निर्यात की जाने वाली सौ फीसदी वस्तुओं को जीरो ड्यूटी एक्सेज के दायरे में लाना है लक्ष्य
समझौते के अनुसार भारत से निर्यात की जाने वाली 100% वस्तुओं को आने पांच वर्षों में जीरो ड्यूटी एक्सेस के दायरे में लाना है। हाल के वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के कारण हाल के कुछ वर्षों में दोनों देशों के परस्पर व्यापार में बड़े और सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं। दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंध के कारण इसमें दिनोंदिन सुधार होता जा रहा है। बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत भारत और ऑस्ट्रेलिया के राजनेताओं के वर्जुअल समिट के दौरान शुरू हुई थी। इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया था कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी से दोनों देशों को परस्पर लाभ मिलेगा। इससे दोनों देशो के द्विपक्षीय संबंधन और प्रगाढ़ होंगे।