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निगरानी: 10 लाख से ज्यादा के नकद निवेश पर आयकर विभाग भेजेगा नोटिस
Mon, 07 Jun 2021 04:26 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 07 Jun 2021 04:26 AM IST
सार
- म्यूचुअल फंड और इक्विटी में डिजिटल निवेश बढ़ाने की कवायद
- ज्यादा राशि म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में लगानी है, तो बेहतर होगा डिजिटल तरीका
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income tax department
- फोटो : wiki
विस्तार
म्यूचुअल फंड और इक्विटी में पैसे लगाने वाले निवेशक अगर किसी वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये से ज्यादा की राशि नकद में डालते हैं, तो आयकर विभाग उन्हें नोटिस जारी कर सकता है। बड़ी मात्रा में नकद लेनदेन पर निगरानी बढ़ाने के लिए आयकर विभाग ने यह कवायद शुरू की है।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अनुसार, निवेशक को अगर ज्यादा राशि म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में लगानी है, तो बेहतर होगा कि वह डिजिटल तरीके से निवेश करे। निवेशक भले ही नकदी के लेनदेन की जानकारी नहीं देता, लेकिन आयकर विभाग संबंधित संस्थान की बैलेंस शीट के जरिए बड़ी राशि के लेनदेन का पता लगा लेता है और संबंधित करदाता से स्पष्टीकरण की मांग कर सकता है।
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सेबी के नियमों के अनुसार, कोई निवेशक म्यूचुअल फंड में एक वित्त वर्ष के दौरान अगर 10 लाख से ज्यादा राशि डालता है (भले ही डिजिटल तरीके से भुगतान किया हो), तो आयकर विभाग की नजर में आ जाता है।
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हालांकि, संबंधित निवेशक का आईटीआर अगर इस राशि से ज्यादा पैसे लगाने की अनुमति देता है, तो उसे डिजिटल तरीके से ही भुगतान करना चाहिए।
उतार-चढ़ाव के बीच लगाएं इक्विटी सिप पर दांव
पीएन फिनकैप के सीईओ एके निगम का कहना है कि जब शेयर बाजार में भारी अनिश्चितता का दौर चल रहा हो, तो सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) के जरिए स्टॉक में पैसे लगाना बेहतर होता है। ऐसे माहौल में अगर आप बाजार में सीधे एकमुश्त निवेश करते हैं, तो जोखिम बढ़ सकता है। वैसे तो खुदरा निवेशकों के लिए इक्विटी सिप में पैसे लगाना शेयर बाजार में प्रवेश करने का सबसे बेहतर विकल्प होता है, लेकिन यह म्यूचुअल फंड सिप से पूरी तरह अलग होता है।
इसके जरिए निवेशक हर सप्ताह, पाक्षिक या मासिक आधार पर स्टॉक खरीद सकते हैं। ब्रोकरेज या फंड हाउस एक निश्चित संख्या अथवा राशि के शेयर खरीदने की अनुमति देते हैं। अगर आप चाहें तो एक ही स्टॉक के कई शेयर ले सकते हैं या अलग-अलग कंपनियों के शेयर खरीदकर अपना पोर्टफोलियो बना सकते हैं।
आरडी पर इन बैंकों में मिल रहा 9 फीसदी तक ब्याज
आवर्ती जमा यानी रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) पर कई बैंक 9 फीसदी तक ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। अगर आप भी आरडी कराना चाहते हैं तो टेबल के जरिए जानें कि कौन बैंक कितना ब्याज दे रहा है...
बैंक ब्याज दर वरिष्ठ नागरिक ब्याज दर
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक 5.75-7.53 फीसदी 6.25-8.03 फीसदी
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 6.25-7.50 फीसदी 6.75-8.00 फीसदी
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक 6.40-6.65 फीसदी 6.90-7.15 फीसदी
जना स्मॉल फाइनेंस बैंक 6.75-8.50 फीसदी 7.35-9.10 फीसदी
एसबीआई 5.00-5.40 फीसदी 5.50-6.20 फीसदी
पीएनबी 4.40-5.30 फीसदी 4.90-5.80 फीसदी
केनरा बैंक 4.45-5.50 फीसदी 4.95-6.00 फीसदी
बैंक ऑफ बड़ौदा 3.70-5.25 फीसदी 4.20-5.75 फीसदी
एचडीएफसी बैंक 3.50-5.50 फीसदी 4.00-6.00 फीसदी
एक्सिस बैंक 4.40-5.50 फीसदी 4.65-6.05 फीसदी
कोटक बैंक 4.40-4.75 फीसदी 4.90-5.25 फीसदी
आईडीएफसी फर्स्ट 5.00-6.00 फीसदी 5.50-6.50 फीसदी
(सोर्स : माइलोनकेयर डॉट इन, आंकड़े : जून, 2021 के)