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काम की बात: सस्ता कर्ज पाने के लिए ऐसे सुधारें क्रेडिट स्कोर, कई बैंक इस आधार पर करते हैं कर्ज की पेशकश
Mon, 20 Sep 2021 06:13 AM IST
देव कश्यप
कालीचरण, नई दिल्ली
कालीचरण, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 20 Sep 2021 06:13 AM IST
सार
क्रेडिट स्कोर किसी व्यक्ति के कर्ज इतिहास को दर्शाता है। इसमें किसी व्यक्ति के पास मौजूद क्रेडिट अकाउंट की संख्या, कुल कर्ज, भुगतान हिस्ट्री और लोन के लिए उधारकर्ता की ओर से की गई पूछताछ का जिक्र होता है। क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। इसका 700 से ऊपर रहना अच्छा माना जाता है।
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क्रेडिट स्कोर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : pixabay
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विस्तार
एसबीआई समेत कई बैंकों ने होम लोन सहित अन्य लोन को क्रेडिट स्कोर से लिंक कर दिया है। इसका मतलब है कि बैंक आपको लोन देने से पहले आपके क्रेडिट स्कोर की जांच करेंगे। यह जितना ऊंचा होगा, लोन उतनी आसानी से और सस्ता मिल सकेगा।
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दरअसल, क्रेडिट स्कोर किसी व्यक्ति के कर्ज इतिहास को दर्शाता है। इसमें किसी व्यक्ति के पास मौजूद क्रेडिट अकाउंट की संख्या, कुल कर्ज, भुगतान हिस्ट्री और लोन के लिए उधारकर्ता की ओर से की गई पूछताछ का जिक्र होता है। क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। इसका 700 से ऊपर रहना अच्छा माना जाता है। बैंक क्रेडिट स्कोर के जरिए लोन लेने वाले व्यक्ति की भुगतान क्षमता का मूल्यांकन करते हैं। लोन आवेदन स्वीकृत करना है या नहीं, इसका फैसला क्रेडिट स्कोर के आधार पर ही किया जाता है। खराब क्रेडिट स्कोर से आपको लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में मुश्किल होती है। चार तरीके हैं, जिनकी मदद से आप अपना क्रेडिट स्कोर बेहतर कर सकते हैं।
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सीयूआर : खर्च न करें 30 फीसदी से ज्यादा
क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो (सीयूआर) क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट और खर्च का अनुपात होता है। अगर एक महीने में क्रेडिट कार्ड की सीमा का 30 फीसदी से ज्यादा खर्च किया है, तो क्रेडिट स्कोर खराब होता है। इसे सुधारने के लिए क्रेडिट कार्ड से कम खर्च करें या दूसरे कार्ड का इस्तेमाल करें।
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पूरे कर्ज का करें भुगतान
क्रेडिट कार्ड बिल या लोन ईएमआई का पूरा भुगतान नहीं करते हैं, तो कर्ज बढ़ता जाता है। इससे डेट टू इनकम अनुपात बढ़ता है, जिसका असर क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। भुगतान में देरी पर भी क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि तय समय पर सभी भुगतान करते रहें।
कई बैंकों में आवेदन से बचें
कम ब्याज पर लोन पाने या क्रेडिट कार्ड लेने के लिए लोग अलग-अलग बैंकों में आवेदन कर देते हैं। इससे भी आपका क्रेडिट स्कोर खराब होता है। इसलिए ऐसा करने में बचें। इसके अलावा, अगर आप किसी अन्य व्यक्ति के लोन गारंटर हैं और वह बकाया चुकाने में चूक कर रहा है या समय पर भुगतान नहीं कर पा रहा है तो इसका असर भी आपके क्रेडिट स्कोर पर जरूर पड़ता है।
क्रेडिट रिपोर्ट की जांच जरूरी
क्रेडिट ब्यूरो क्रेडिट स्कोर की गणना करते समय वर्तमान बकाया लोन, पिछले क्रेडिट खाते, ईएमआई भुगतान, नए लोन और क्रेडिट कार्ड आवेदन से जुड़े डाटा का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए कर्जदाता की ओर से लिखा पढ़ी से जुड़ी कोई भी गलती क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर डाल सकती है। इससे बचने के लिए अपने क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करते रहना चाहिए। कुछ गड़बड़ होने पर इसे जल्द ठीक कराना चाहिए।
क्रेडिट स्कोर खराब होने की वजह जानना जरूरी
क्रेडिट स्कोर 750 या इससे ज्यादा होने पर लोन की संभावना बढ़ जाती है और आकर्षक ब्याज दर भी मिल सकती है। कम क्रेडिट स्कोर वालों को इसे सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए स्कोर खराब होने की वजह जानना जरूरी है। क्रेडिट स्कोर अच्छा बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। -रत्नेश सिंह, बीमा एवं निवेश सलाहकार