IMA: जरूरी दवाओं पर जीएसटी घटाने का आईएमए ने किया स्वागत, स्वास्थ्य सेवाओं पर और अधिक छूट देने की मांग
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आवश्यक दवाओं पर सरकार के जीएसटी कम करने के फैसले की सराहना की है। उन्होंने जीवनरक्षक और आवश्यक दवाओं की एक विस्तृत शृंखला पर पूर्ण जीएसटी छूट की अपील की। एसोसिएशन ने अपनी राज्य और स्थानीय शाखाओं को जीएसटी और टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर (TAN) पंजीकरण में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया है।
विस्तार
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कैंसर से संबंधित और अन्य आवश्यक दवाओं पर सरकार की जीएसटी राहत का स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के लाखों रोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवा को और अधिक किफायती बनान के लिए एक जरूरी कदम बताया है।
ये भी पढ़ें: Report: 2030 तक भारत की 40% FMCG खपत ऑनलाइन के जरिए होगी, मध्यम वर्ग और युवा उपभोक्ताओं से मिलेगी रफ्तार
आईएमए ने आगे जोर देकर कहा कि चिकित्सा उपकरण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने से अस्पतालों और क्लीनिकों की परिचालन लागत कम होगी। इस निर्णय से कैंसर, क्रोनिक किडनी रोग और गंभीर संक्रमण जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे परिवारों पर वित्तयी बोझ कम होने की उम्मीद है।
आवश्यक दवाओं पर पूर्ण जीएसटी की छूट की अपील
इसके साथ ही एसोसिएशन ने सरकार से जीवनरक्षक और आवश्यक दवाओं की एक विस्तृत शृंखला पर पूर्ण जीएसटी छूट की अपील की। इसमें कीमोथेरपी और इम्यूनोथेरपी में इस्तेमाल होने वाली कैंसर-रोधी दवाएं, इंसुलिन जैसी मधुमेह-रोधी दवाएं, साथ ही हृदय संबंधी दवाएं, उच्च रक्तचाप-रोधी दवाएं और अस्थमा व सीओडीपी जैसी पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियों के उपचार शामिल हैं। एसोसिएशन ने हीमोफीलिया और मायलोडिस्प्लास्टिक सिंड्रोम जैसी दुर्लभ स्थितियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर भी छूट की जरूरत पर जोर दिया।
जीएसटी और टीएएन पंजीकरण की दिक्कतों का मुद्दा उठाया
एसोसिएशन ने अपनी राज्य और स्थानीय शाखाओं को जीएसटी और टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर (TAN) पंजीकरण में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया है। संगठन का कहना है कि नामकरण संबंधी समस्याओं की वजह से ये प्रक्रियाएं जटिल हो रही हैं। इस पर ध्यान देने की मांग करते हुए एसोसिएशन ने काउंसिल से अपील की है कि देशभर में अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल और सुचारु बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बीमा प्रीमियम पर जीएसटी में छूट की मांग
आईएमए ने अस्पताल के बिस्तरों पर जीएसटी हटाने की भी सिफारिश की है, क्योंकि बिस्तर स्वास्थ्य सेवा की एक बुनियादी जरूरत हैं, न कि कोई विलासिता की वस्तु। इसके अलावा, एसोसिएशन ने स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी में छूट की मांग करते हुए कहा है कि इससे ज्यादा लोग स्वास्थ्य बीमा लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे और चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान परिवारों पर आर्थिक दबाव कम होगा। आईएमए ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जीएसटी परिषद जन स्वास्थ्य के हित में इन अतिरिक्त मांगों पर विचार करेगी।