फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India’s Forex Reserves Fall 5 Billion Dollar to 721 Billion Dollar; Gold Reserves Rise Bullion Market Prices

फॉरेक्स रिजर्व: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पांच अरब डॉलर घटा, 721 अरब डॉलर पर आया; गोल्ड रिजर्व पर क्या अपडेट

Fri, 23 Oct 2026 06:11 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 23 Oct 2026 06:11 PM IST
सार

  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 16 अक्तूबर 2026 को समाप्त सप्ताह में 5.011 अरब डॉलर घटकर 721.016 अरब डॉलर रह गया। 
  • गोल्ड रिजर्व 706 मिलियन डॉलर बढ़कर 105.8 अरब डॉलर हो गया।

विज्ञापन
India’s Forex Reserves Fall 5 Billion Dollar to 721 Billion Dollar; Gold Reserves Rise Bullion Market Prices
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया - फोटो : ANI

विस्तार

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह में कम हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्तूबर 2026 को समाप्त हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.011 अरब डॉलर घटकर 721.016 अरब डॉलर रह गया। इससे पिछले सप्ताह भी विदेशी मुद्रा भंडार में 8.578 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट आई थी। यानी दो सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कुल 13.589 अरब डॉलर कम हो चुका है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब सितंबर की शुरुआत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था।

विज्ञापन

विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट क्यों आ रही है?

आरबीआई के मुताबिक, 4 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 785.706 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से इसमें गिरावट का रुख बना हुआ है।

विज्ञापन


इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे विदेशों में रहने वाले भारतीयों (डायस्पोरा) की ओर से जमा की गई राशि थी। सरकार की ओर से शुरू की गई विशेष रियायती स्वैप व्यवस्था के तहत डॉलर का बड़ा प्रवाह आया था। इस व्यवस्था के जरिए बैंकों ने रिकॉर्ड करीब 133 अरब डॉलर जुटाए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया गिरावट की प्रमुख वजहों में एफसीएनआर (बी) संसाधनों का इस्तेमाल और रुपये की विनिमय दर को संभालने के लिए आरबीआई की ओर से डॉलर की बिक्री शामिल है।

विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा कितना घटा?

विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ा हिस्सा फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) का होता है। इसमें डॉलर के अलावा यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी दूसरी विदेशी मुद्राओं में रखी गई संपत्तियां भी शामिल होती हैं।

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्तूबर को समाप्त सप्ताह में फॉरेन करेंसी एसेट्स 5.758 अरब डॉलर घटकर 591.847 अरब डॉलर रह गए। कुल विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट की मुख्य वजह यही रही। यहां यह समझना जरूरी है कि डॉलर में दर्ज फॉरेन करेंसी एसेट्स के मूल्य पर अन्य विदेशी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का भी असर पड़ता है। इसलिए इनके मूल्य में बदलाव हमेशा डॉलर की खरीद-बिक्री से ही नहीं होता।

सोने के भंडार और एसडीआर में क्या बदलाव हुआ?

विदेशी मुद्रा भंडार के अन्य घटकों में इस सप्ताह बढ़ोतरी दर्ज की गई। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार:

  • गोल्ड रिजर्व: 706 मिलियन डॉलर बढ़कर 105.8 अरब डॉलर हो गया।
  • स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (एसडीआर): 30 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.578 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
  • आईएमएफ में रिजर्व पोजिशन: 11 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.791 अरब डॉलर हो गई।

इन आंकड़ों से साफ है कि विदेशी मुद्रा भंडार के सभी घटकों में गिरावट नहीं आई। फॉरेन करेंसी एसेट्स में बड़ी कमी के बावजूद सोने के भंडार, एसडीआर और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की रिजर्व पोजिशन का मूल्य बढ़ा।

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए इसका क्या मतलब है?

विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश की बाहरी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की क्षमता का जरूरी संकेतक है। इसमें विदेशी मुद्राओं, सोने और अन्य निर्धारित रिजर्व परिसंपत्तियों का योगदान होता है। पर्याप्त भंडार उपलब्ध रहने से देश को आयात भुगतान और बाहरी आर्थिक दबावों से निपटने में मदद मिलती है।

जब रुपये पर दबाव बढ़ता है, तब आरबीआई जरूरत के अनुसार डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर सकता है। विशेषज्ञों ने मौजूदा गिरावट के संदर्भ में आरबीआई की ओर से की डॉलर बिक्री का उल्लेख किया है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़े यह नहीं बताते कि इस सप्ताह डॉलर की बिक्री में कितनी राशि खर्च की गई या रुपये की विनिमय दर पर इसका कितना प्रभाव पड़ा।

आगे विदेशी मुद्रा भंडार पर किन बातों की नजर रहेगी?

आने वाले सप्ताहों में विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों से यह समझने में मदद मिलेगी कि हालिया गिरावट जारी रहती है या इसमें स्थिरता आती है। इसके लिए फॉरेन करेंसी एसेट्स में बदलाव, आरबीआई के विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप और अन्य रिजर्व घटकों के रुझान पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।



फिलहाल, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सितंबर के रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ चुका है और लगातार दो सप्ताह की गिरावट दर्ज कर चुका है। हालांकि, 721.016 अरब डॉलर का मौजूदा स्तर अपने आप में किसी संकट का प्रमाण नहीं है। इसकी व्यापक स्थिति समझने के लिए गिरावट के कारणों और आगे के आंकड़ों का आकलन जरूरी होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed