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IEA: आर्थिक वृद्धि के चलते 2030 तक वैश्विक तेल मांग का अगुवाई करेगा भारत; इस दशक के अंत तक बढ़ी रहेगी मांग

Wed, 18 Jun 2025 05:43 AM IST
शिव शुक्ला बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Wed, 18 Jun 2025 05:43 AM IST
सार

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने कहा कि वैश्विक तेल मांग में इस दशक के अंत तक 25 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) की वृद्धि की उम्मीद है। इस तरह, तेल की कुल मांग 2030 तक बढ़कर 10.55 करोड़ बीपीडी हो जाएगी। क्रूड बाजार में किसी भी बड़े व्यवधान को छोड़ दिया जाए, तो इस दशक के अंत तक आपूर्ति अच्छी रहेगी।

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IEA: India will lead global oil demand by 2030 due to economic growth
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI

विस्तार

वैश्विक तेल मांग इस दशक के अंत तक तेजी से बढ़ती रहेगी। अमेरिका में सस्ता पेट्रोल और धीमी गति से इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने से खपत को समर्थन मिलने से शीर्ष आयातक चीन में यह 2027 में चरम पर होगी। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने अपने पूर्वानुमान में कोई परिवर्तन नहीं किया है।

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आईईए ने कहा, मांग 2029 तक चरम पर होगी, लेकिन अनुमान है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में वृद्धि के कारण चीन में मांग पहले ही चरम पर पहुंच जाएगी। वैश्विक मांग कुछ वर्षों में चरम पर होगी। हालांकि, उत्पादक समूह पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) का मानना है कि खपत बढ़ती रहेगी, लेकिन खपत चरम पर पहुंचने का कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया है।
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आईईए की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, तेल की मांग 2029 तक 10.5 करोड़ बैरल प्रति दिन (बीपीडी) के उच्च स्तर पर पहुंच जाएगी। फिर 2030 में थोड़ी गिरावट आएगी। वैश्विक उत्पादन क्षमता 2030 तक 50 लाख बीपीडी से अधिक बढ़कर 11.47 करोड़ बीपीडी होने का अनुमान है। इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष ने मध्य पूर्व की आपूर्ति के लिए जोखिम को उजागर किया है। इससे शुक्रवार को तेल की कीमतें 5 फीसदी बढ़कर 74 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं।
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बाधा नहीं आई तो 2030 तक आपूर्ति पर्याप्त रहेगी
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कोई बड़ी बाधा नहीं आती है तो 2030 तक पर्याप्त आपूर्ति होगी। आईईए के कार्यकारी निदेशक फतिह बिरोल ने कहा, बुनियादी बातों के आधार पर आने वाले वर्षों में तेल बाजारों में अच्छी आपूर्ति होने की संभावना है। लेकिन हाल की घटनाओं ने तेल आपूर्ति सुरक्षा के लिए देशों के बीच तनाव एक प्रमुख मुद्दा है। इस वर्ष विश्व बाजार में आपूर्ति अच्छी दिख रही है, क्योंकि कोई बड़ा व्यवधान नहीं आया है और आपूर्ति में वृद्धि मांग से अधिक है।


 वैश्विक मांग में 7.20 लाख बीपीडी की वृद्धि होगी
आईईए ने कहा, इस साल वैश्विक मांग में 720,000 बीपीडी की वृद्धि होगी, जो पिछले महीने के पूर्वानुमान से 20,000 बीपीडी कम है। आपूर्ति में 18 लाख बीपीडी की वृद्धि होगी, जो पिछले महीने से 200,000 बीपीडी अधिक है। इसका आंशिक कारण ओपेक और अन्य देशों द्वारा उत्पादन में वृद्धि है।

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