बैंक ऋण धोखाधड़ी मामला: चंदा कोचर के देवर राजीव कोचर ने दायर की याचिका
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निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर के देवर राजीव कोचर ने दिल्ली की एक अदालत में बुधवार को उनके खिलाफ जारी निगरानी सर्कुलर (एलओसी) को रद्द करने के लिए याचिका दायर की है। बता दें कि राजिव के खिलाफ कथित तौर पर बैंक ऋण धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज है।
चंदा और दीपक कोचर के बयान हुए दर्ज
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर, राजीव कोचर और वीडियोकॉन समूह के वेणुगोपाल धूत के तहत मनी लांड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत जांच कर रहा है। सोमवार और मंगलवार को चंदा कोचर और दीपक कोचर ईडी के दफ्तर भी पहुंचे थे, जहां उनसे पूछताछ की गई थी। सोमवार को ईडी ने उनसे आठ घंटों तक पूछताछ की थी। इस दौरान पीएमएलए के तहत जांच अधिकारी ने दोनों के बयान दर्ज किए।
कई दफा हो चुकी है राजीव कोचर से पूछताछ
ईडी दीपक कोचर के भाई राजीव कोचर से भी मामले में कई दफा पूछताछ कर चुकी है। साथ ही सीबीआई ने भी राजीव से सवाल-जवाब किए थे। राजीव कोचर सिंगापुर स्थित एविस्टा एडवाजरी के संस्थापक हैं और सीबीआई ने ऋण ‘रीस्ट्रक्चरिंग’ में उनकी कंपनी की भूमिका के संबंध पूछताछ की थी। इससे पहले मार्च में ईडी ने मुंबई और औरंगाबाद में चंदा कोचर, उनके परिवार और वीडियोकॉन समूह के वेणुगोपाल धूत के स्थानों पर तलाशी ली थी।
क्या है मामला ?
इस साल की शुरुआत में ईडी ने आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह को 1,875 करोड़ रुपये की ऋण स्वीकृति में अनियमितताओं की जांच के लिए चंदा कोचर, दीपक कोचर, धूत और अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर इनके खिलाफ कार्रवाई की थी।