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Hinduja family: 110 साल पुराने हिंदुजा समूह की कहानी, जानें फिर क्यों विवादों में आया ये परिवार

Sat, 22 Jun 2024 01:18 PM IST
शिवेंद्र तिवारी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 22 Jun 2024 01:18 PM IST
सार

हिंदुजा परिवार के सदस्यों पर मानव तस्करी के भी आरोप लगे, लेकिन अब परिवार के वकीलों ने बताया कि मानव तस्करी के आरोपों से परिवार के सदस्यों को बरी कर दिया गया है। हिंदुजा परिवार के सदस्यों ने अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की है।

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Hinduja family: Story of 108-year-old Hinduja group, know the family dispute of $14 billion and its reason
हिंदुजा समूह - फोटो : amar ujala

विस्तार

हिंदुजा परिवार ब्रिटेन का सबसे धनवान परिवार है। हिंदुजा परिवार के नेतृत्व वाला हिंदुजा समूह करीब 110 साल पुराना है। हालांकि इन दिनों हिंदुजा परिवार गलत कारणों से सुर्खियों में है। दरअसल हिंदुजा परिवार के चार सदस्यों को स्विट्जरलैंड की एक अदालत ने साढ़े चार-साढ़े चार साल जेल की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में प्रकाश हिंदुजा और उनकी पत्नी कमल और बेटे अजय के साथ ही उनकी बहू का नाम शामिल है। आरोप है कि हिंदुजा परिवार के सदस्यों पर घरेलू नौकरों के शोषण का आरोप है।
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हिंदुजा परिवार के सदस्यों पर लगे गंभीर आरोप
प्रकाश हिंदुजा, कमल, अजय और बहू नम्रता पर आरोप हैं कि उन्होंने स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित अपने बंगले में काम करने वाले कामगारों का शोषण और गैरकानूनी तरीके से कर्मचारियों को काम पर रखा। उन्हें कम वेतन पर 18 घंटे तक काम कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंदुजा परिवार के सदस्यों ने स्विस कानून के तहत तय न्यूनतम वेतन के दसवें हिस्से के बराबर वेतन कर्मचारियों को दिया, जो कानून का उल्लंघन है। परिवार के सदस्यों पर मानव तस्करी के भी आरोप लगे, लेकिन अब परिवार के वकीलों ने बताया कि मानव तस्करी के आरोपों से परिवार के सदस्यों को बरी कर दिया गया है। हिंदुजा परिवार के सदस्यों ने अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की है। हालांकि इस मामले में किसी भी सदस्य को हिरासत में नहीं लिया गया है। 
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हिंदुजा समूह में संपत्ति बंटवारे को लेकर भी हो चुका है विवाद? 
हिंदुजा परिवार में संपत्ति बंटवारे को लेकर भी विवाद हुआ था, जिसने खासी सुर्खियां बटोरी थी। दरअसल, 2014 में हिंदुजा समूह के संस्थापक दीपचंद हिंदुजा के चार बेटों श्रीचंद, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक के बीच एक समझौता हुआ। इसमें कहा गया था कि एक भाई के नाम पर रखी गई सम्पत्ति एक की नहीं बल्कि चार भाइयों की होगी। यही समझौता विवाद की जड़ है। समझौते के करीब एक साल बाद हिंदुजा भाइयों में सबसे बड़े श्रीचंद हिंदुजा ने हिंदुजा बैंक ऑफ स्विटजरलैंड पर अकेले स्वामित्व का दावा किया। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट में अपने तीनों अन्य भाइयों पर केस कर दिया। याचिका में कहा गया 2014 में हुआ समझौता कानूनी तौर पर वैध नहीं था।     
 
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हिंदुजा परिवार के प्रकाश हिंदुजा - फोटो : amarujala.com
आपसी सहमति से निपटाया विवाद
संपत्ति बंटवारे का ये मामला लंदन की कोर्ट ऑफ प्रोटेक्शन में चल रहा था। केस के दौरान श्रीचंद हिंदुजा को भूलने की बीमारी हो गई। श्रीचंद ने अपने मामलों पर स्थायी पावर ऑफ अटॉर्नी बेटी वीनू को दे दी। वीनू ही इस मामले में अब कोर्ट में लड़ रहीं थी। 2020 में श्रीचंद के भाई गोपीचंद ने वीनू को पावर ऑफ अर्टनी मिलने को भी चुनौती दी थी। अदालत में उन्होंने अपने भाई के डिमिंशिया बीमारी का उल्लेख किया और कहा उनके भाई ये पावर देने में योग्य नहीं थे। हालांकि बाद में परिवार के सदस्यों में आपसी सहमति से सभी विवादों के निपटारे का फैसला किया गया। श्रीचंद हिंदुजा का अब निधन हो चुका है।
 
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इस समूह का 110 साल का इतिहास कैसा रहा है?
हिंदुजा समूह की शुरुआत अविभाजित भारत के सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले में जन्मे दीपचंद हिंदुजा ने की थी। 1914 में दीपचंद ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की यात्रा की और वहां व्यापार के गुर सिखे। बाद में सिंध जाकर उन्होंने अपने व्यापार की शुरुआत की। 1919 में दीपचंद ने अपने व्यापार का विस्तार किया और ईरान में पहला अंतर्राष्ट्रीय कार्यालय खोला। 1979 तक यह समूह ईरान से चलता रहा। 1979  में ईरान में हुई इस्लामिक क्रांति के बाद समूह ने अपना हेडक्वार्टर लंदन स्थानांतरित कर दिया। अभी भी इस समूह का केंद्र ब्रिटेन में ही है।

दीपचंद हिंदुजा द्वारा शुरू इस समूह को उनके बेटों श्रीचंद हिंदुजा, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक हिंदुजा ने आगे बढ़ाया। दीपचंद हिंदुजा के सबसे बड़े बेटे श्रीचंद, हिंदुजा समूह, हिंदुजा बैंक ऑफ स्विट्जरलैंड एवं हिंदुजा फाउंडेशन के अध्यक्ष थे। फिलहाल दूसरे बेटे गोपीचंद, हिंदुजा समूह के अध्यक्ष और हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड, यूके के अध्यक्ष हैं। प्रकाश हिंदुजा, हिंदुजा समूह (यूरोप) के अध्यक्ष हैं। अशोक हिंदुजा, हिंदुजा ग्रुप ऑफ कंपनीज (इंडिया) के अध्यक्ष हैं। 

Hinduja family: Story of 108-year-old Hinduja group, know the family dispute of $14 billion and its reason
मुंबई में हिंदुजा समूह का हॉस्पिटल है। - फोटो : social Media
किन क्षेत्रों में व्यापार करता है हिंदुजा समूह? 
हिंदुजा समूह बैंकिंग एंड फाइनेंस, आईटी, पावर, ऑटोमोटिव, ऑयल एंड स्पेसियलटी कैमिकल्स, रियल स्टेट, हेल्थ केयर, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, ट्रेडिंग, साइबर सिक्युटिटी से लेकर मीडिया तक के क्षेत्र में काम कर रहा है। समूह दुनिया के सबसे बड़े विविध समूहों में से एक है, जिसकी 38 देशों में प्रत्यक्ष उपस्थिति है और 100 देशों में व्यापारिक पहुंच है।

भारत में ट्रक बनाने वाली कम्पनी अशोक लीलैंड्स एवं बैंकिंग कारोबार से जुड़ा इंडसइंड बैंक इसी समूह के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा समूह के देश के कई शहरों में रियल स्टेट में भी काम है। कंपनी मुंबई में हिंदुजा अस्पताल और कॉलेज भी चलाती है। कंपनी में डेढ़ लाख से अधिक लोग काम करते हैं। 

हिंदुजा समूह की संपत्ति कितनी है?
हिंदुजा समूह की वर्तमान संपत्ति करीब 37 अरब पाउंड की है। फोर्ब्स की साल 2023 की सबसे अमीर भारतीयों की सूची में हिंदुजा परिवार का सातवां स्थान है। वहीं फोर्ब्स की साल 2022 की दुनिया के सबसे अमीरों की सूची में हिंदुजा परिवार का 146वां स्थान था। 
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